

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और एनआईसीयू टीम ने गंभीर स्थिति में जन्मे एक नवजात को 35 दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ कर घर भेजने में सफलता हासिल की है। जिला अस्पताल में सर्जन डॉ. सुकोटी के शिशु ने बेहद नाजुक परिस्थितियों के बावजूद जिंदगी की जंग जीतकर घर वापसी की। जानकारी के अनुसार शिशु का जन्म 32.5 सप्ताह की गर्भावस्था के बाद गंभीर प्लेसेंटा एब्रप्शन की स्थिति में हुआ था। जन्म के समय शिशु की हालत अत्यंत गंभीर थी। उसकी धड़कन और सांस नहीं चल रही थी। कॉर्ड ब्लड पीएच 6.67 और एचआईई स्टेज-3 की स्थिति के साथ शिशु का वजन महज 1.42 किलोग्राम था। जन्म के बाद शिशु को गंभीर सेप्सिस की चुनौती का भी सामना करना पड़ा और उसे लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रखा गया। इस बेहद जटिल स्थिति में सुपर स्पेशलिस्ट इंटेंसिविस्ट डॉक्टरों की टीम ने उपचार और निरंतर निगरानी के जरिए शिशु की हालत में सुधार किया। टीम में डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुमित जीना, डॉ. ज्योति, डॉ. गौरव, डॉ. नौशीन, डॉ. हर्ष और डॉ. जयवीर शामिल रहे। 35 दिनों तक चले उपचार के बाद शिशु को अस्पताल से घर भेज दिया गया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जी एस तितियाल ने डॉक्टरों और एनआईसीयू टीम की उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना की। इस सफलता को सरकारी चिकित्सा संस्थान में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं और नवजात की गंभीर स्थिति में की गई उच्च स्तरीय देखभाल का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।





