

अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में बुधवार को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकान्त की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आरएडब्ल्यूई विद्यार्थियों सहित कुल 71 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। संस्थान में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 26 अक्टूबर से एक नवंबर तक मनाया जा रहा है। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सतर्कता अनुभाग के अवर सचिव नीरज तंवर ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित पॉश अधिनियम, गोपनीयता, कर्तव्य से अनधिकृत अनुपस्थिति, विदेश यात्रा संबंधी नियमों, एससीएसपी, टीएसपी और एनईएच योजनाओं के दिशा-निर्देशों तथा इनपुट के समय पर वितरण जैसे विषयों की जानकारी दी। इसके अलावा वेतन संहिता, श्रम कानूनों के अनुपालन, वार्षिक संपत्ति विवरण जमा करने की समयसीमा, खरीद एवं अनुबंध प्रक्रियाओं, मेक इन इंडिया, वैश्विक निविदाओं और सरकारी खरीद संबंधी दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की गई। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकान्त ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा केवल कार्यालयी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता और व्यक्तिगत आचरण का आधार है। उन्होंने वैज्ञानिकों और कर्मचारियों से अपने प्रशासनिक एवं शोध कार्यों में उच्च नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया, ताकि संस्थान में सुशासन और उत्कृष्टता को मजबूत किया जा सके। कार्यशाला के अंतिम सत्र में वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने सतर्कता, खरीद नियमों तथा कार्यालयी प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछे। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक एवं सतर्कता अधिकारी डॉ. राजेश कुमार खुल्बे ने किया, जबकि धन्यवाद प्रस्ताव सहायक प्रशासनिक अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने प्रस्तुत किया।




