

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल (एएलएफ) का चौथा संस्करण 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक अल्मोड़ा के ऐतिहासिक मल्ला महल (पुराना कलेक्ट्रेट) में आयोजित होगा। इस संबंध में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. वसुधा पंत ने बताया कि ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की ओर से आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव में साहित्य, सिनेमा, संगीत, पत्रकारिता, नृत्य और कला जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी।
इस वर्ष के प्रमुख आकर्षणों में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘मामला लीगल है’ तथा फिल्मों ‘कटहल’ और ‘12वीं फेल’ से जुड़े अभिनेता अनंत विजय जोशी भी महोत्सव में भाग लेंगे। भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना मालती श्याम और हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक रवि जोशी अपनी प्रस्तुतियों एवं सहभागिता से कार्यक्रम को समृद्ध करेंगे। पत्रकारिता और समसामयिक विषयों पर चर्चा के लिए ‘तीन ताल’ कार्यक्रम से जुड़े पत्रकार कुलदीप मिश्रा तथा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और लेखक संजीव चोपड़ा भी महोत्सव का हिस्सा होंगे। वहीं, गायक एवं रैपर रोहन पांगती और तरुण बिष्ट समकालीन संगीत और युवा अभिव्यक्ति को मंच देंगे।
महोत्सव में पहाड़ी अंचल के साहित्यकारों के योगदान पर चर्चा के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष हिंदी साहित्यकार शैलेश मटियानी के साहित्यिक योगदान पर विस्तार से विमर्श होगा। इसके अलावा हिमालयी पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल चर्चाएं और फोटो टॉक सत्र आयोजित किए जाएंगे। हिमालयी पर्यावरण और जनजीवन से जुड़े विशेष फोटो टॉक में जयमित्र बिष्ट और हर्षित रौतेला के सत्र शामिल होंगे।
अल्मोड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से प्रतिभागियों को परिचित कराने के लिए मानवविज्ञानी एवं इतिहासकार लोकेश ओहरी और छायाकार जयमित्र बिष्ट के नेतृत्व में ‘चलमोड़ा’ और ‘वॉक टू नौला’ जैसे हेरिटेज वॉक आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से प्रतिभागियों को नगर के इतिहास, स्थापत्य और सांस्कृतिक पहचान को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
इस बार महोत्सव में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। ओपन माइक और साइफर जैसे मंचों के माध्यम से युवा अपनी रचनात्मक प्रतिभा, विचारों, संगीत और अभिव्यक्ति को प्रस्तुत कर सकेंगे। पैनल चर्चाओं के लगभग 70 प्रतिशत सत्रों का संचालन युवा मॉडरेटर करेंगे। इसके अतिरिक्त, एम्ब्रॉयडरी और मंडाला आर्ट सहित विभिन्न रचनात्मक कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग भी होगी। इनमें उत्तराखंड के युवाओं द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री ‘अमरकथा: अल्मोड़ा की रामलीला’ प्रमुख आकर्षण रहेगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को दृश्य माध्यमों के जरिए नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
40 से अधिक क्यूरेटेड सत्रों वाले इस महोत्सव में साहित्य, लोककला, क्षेत्रीय लेखन और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को विशेष स्थान दिया जाएगा। बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए कला, लोककथाओं, नुक्कड़ नाटक और ओपन माइक जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच देने के साथ साहित्य, पर्यावरण और समसामयिक विषयों पर संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रेसवार्ता में डॉ. दीपा गुप्ता, मनोज गुप्ता और विनायक पंत, प्रोफेसर हामिद, तनुजा बहुगुणा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



