

अल्मोड़ा। उत्तराखंड आशा कार्यकर्मी यूनियन (सीटू) की जिला शाखा के बैनर तले मंगलवार को नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोजित जनसभा में वक्ताओं ने सरकार पर आशा कार्यकर्ताओं की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मानदेय बढ़ाने, सेवाओं के नियमितीकरण और समय पर भुगतान सहित विभिन्न मांगों को पूरा करने की अपील की। जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दायित्वों का निर्वहन करती हैं, लेकिन लंबे समय से उनके मानदेय में वृद्धि नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई के बीच कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मांग की कि आशा कार्यकर्ताओं को हर महीने एक निश्चित तारीख पर मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। यूनियन ने आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित कर 26 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन देने, उनकी सेवाओं को स्थायी एवं नियमित करने तथा मानदेय का भुगतान निर्धारित तिथि पर सीधे बैंक खातों में करने की मांग उठाई। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली 3300 रुपये की प्रोत्साहन राशि पूर्व की भांति सरकार की ओर से दिए जाने की मांग की गई। वक्ताओं ने सेवानिवृत्ति के बाद आशा कार्यकर्ताओं को पेंशन की सुविधा देने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक पेंशन व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक सेवानिवृत्त आशा कार्यकर्ताओं को एकमुश्त 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए, ताकि उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। प्रदर्शन में यूनियन की जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी, उपाध्यक्ष नीमा जोशी, कोषाध्यक्ष ममता भट्ट, भगवती आर्या, प्रभा नेगी, हंसी देवी, पदमा पांडे, जानकी देवी, हेमा गुरुरानी, किरन शाह, आनंदी मेहरा, देवकी बिष्ट, उमा आगरी और रूपा देवी सहित अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।





