


देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण पर जोर दे रही है। परिषद अब तक 141 युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण दे चुकी है। इन्हें व्यावहारिक अनुभव देकर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में पौड़ी जिले के बिलखेत में इन दिनों उड़ान अभ्यास प्रशिक्षण चल रहा है, जिसमें 17 युवा हिस्सा ले रहे हैं।
बिलखेत में चल रहे प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को वास्तविक परिस्थितियों में उड़ान भरने और पैराग्लाइडिंग संचालन का व्यावहारिक अनुभव दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन्हें टेंडम फ्लाइंग यानी प्रशिक्षित पायलट के साथ दूसरे व्यक्ति को लेकर उड़ान भरने में दक्ष बनाना है। इसके लिए युवाओं को 100 घंटे की उड़ान पूरी करनी होगी। इसके बाद उन्हें 35 किलोमीटर की क्रॉस कंट्री उड़ान भी पूरी करनी होगी। इन मानकों के माध्यम से युवाओं की तकनीकी दक्षता और उड़ान संबंधी अनुभव को मजबूत किया जाएगा।
यूटीडीबी अगले महीने चंपावत में भी इसी तरह का उड़ान अभ्यास प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगा। निर्धारित प्रशिक्षण और उड़ान संबंधी अर्हताएं पूरी करने वाले युवाओं को व्यावसायिक टेंडम पायलट लाइसेंस दिया जाएगा। इसके बाद वे तकनीकी समिति की ओर से चयनित स्थलों पर पर्यटकों को पैराग्लाइडिंग करा सकेंगे।
पर्यटन सचिव एवं यूटीडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज गर्ब्याल के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पैराग्लाइडिंग की व्यापक संभावनाएं हैं। इस पहल से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही साहसिक पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से पर्यटकों की आवाजाही में इजाफा होगा, जिससे होटल, परिवहन और अन्य स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल सकेगा।




