


विकासनगर। जौनसार-बावर के आराध्य देव चालदा महासू महाराज 7 दिसंबर 2026 को खत शीलगांव के मशक गांव में विराजमान होंगे। महाराज यहां एक वर्ष तक प्रवास करेंगे। मंगलवार को पश्मी में आयोजित बैठक में चार खत कडमाण के सियाणों और क्षेत्रवासियों ने सर्वसम्मति से महाराज के आगमन की तिथि निर्धारित की। बैठक की अध्यक्षता वजीर दीवान सिंह ने की। महाराज के आगमन की तिथि तय होने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
बैठक में छतराई के सियाणा शमशेर सिंह चौहान, खत शीलगांव के मशक गांव के सियाणा फतेह सिंह चौहान, खत केलो के सियाणा अजीत राणा और खत भरम के सियाणा गजेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी की सहमति से महाराज के मशक गांव पहुंचने का कार्यक्रम तय किया गया।
चालदा महासू महाराज पिछले एक वर्ष से हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पश्मी में विराजमान हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को महाराज का पाईता बाहर आएगा और 3 दिसंबर को महाराज सिरमौर से प्रस्थान करेंगे। इसके बाद देव यात्रा के दौरान 3 दिसंबर की रात बागड़ी धाराविल, 4 दिसंबर को बागड़ी वायला, 5 दिसंबर को बागड़ी तीलुर और 6 दिसंबर की रात बागड़ी कांडोई भरम में प्रवास होगा। इसके बाद 7 दिसंबर को महाराज खत शीलगांव के मशक गांव पहुंचेंगे, जहां श्रद्धालु उनका भव्य स्वागत करेंगे।
महाराज के आगमन की सूचना से चार खत कडमाण के लोगों में खुशी है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर देवता के दर्शन करेंगे। चालदा महासू महाराज का एक वर्ष तक मशक गांव में प्रवास जौनसार-बावर की समृद्ध देव परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




