


अल्मोड़ा। भुवनेश्वर महादेव मंदिर एवं रामलीला समिति कर्नाटक खोला की नौवें दिवस की रामलीला में लक्ष्मण शक्ति, संजीवनी बूटी, मेघनाद वध और कुंभकर्ण वध के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय और दमदार संवादों ने दर्शकों को देर रात तक रामलीला से बांधे रखा। विशेष रूप से लक्ष्मण के मूर्छित होने और संजीवनी बूटी से उनके पुनः स्वस्थ होने के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। नवम दिवस की रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, कुंदन लटवाल, विशिष्ट अतिथि हरीश बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज लटवाल और भाजपा के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक नरेंद्र सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि कर्नाटक खोला की रामलीला अल्मोड़ा की प्रमुख रामलीलाओं में शामिल है। इसमें मातृशक्ति, बच्चों और वरिष्ठजनों की सहभागिता सराहनीय है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रामलीला में रावण-मंदोदरी संवाद, रावण-मेघनाद संवाद, लक्ष्मण-मेघनाद संवाद, लक्ष्मण शक्ति प्रसंग, सुषेन वैद्य प्रसंग, संजीवनी बूटी से लक्ष्मण का स्वस्थ होना, मेघनाद वध, रावण-कुंभकर्ण संवाद और कुंभकर्ण वध का मंचन किया गया। लक्ष्मण और मेघनाद के बीच युद्ध तथा रावण और कुंभकर्ण के संवाद विशेष आकर्षण रहे। कलाकारों के सशक्त अभिनय पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। राम की भूमिका में कोमल जोशी, लक्ष्मण के रूप में गायत्री तिवारी, हनुमान के रूप में अनिल रावत, रावण की भूमिका में पूर्व मंत्री बिट्टू कर्नाटक, मंदोदरी के रूप में दिव्या कांडपाल, विभीषण के रूप में अशोक बनकोटी, मेघनाद के रूप में मनीष तिवारी, सुषेन वैद्य के रूप में कमलेश पांडे, भरत के रूप में गौरव कांडपाल, कुंभकर्ण के रूप में दीपक कर्नाटक और निकुंभला के रूप में काव्या अल्मिया ने अभिनय किया। कार्यक्रम का संचालन भावना मल्होत्रा ने किया।





