


अल्मोड़ा। लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों ने शनिवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। कार्मिकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ज्ञापन में वर्ष 2005 से लंबित कलक्ट्रेट ढांचे के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी करने, कलक्ट्रेट को विशेष कार्यालय या विभाग का दर्जा देने, कनिष्ठ सहायक की शैक्षणिक योग्यता स्नातक करने और तदनुसार वेतनमान संशोधित करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने, नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति के लिए कलक्ट्रेट संवर्ग को 10 प्रतिशत कोटा देने, रिक्त पदों पर समय से पदोन्नति करने तथा लंबित पारस्परिक और निजी अनुरोध वाले स्थानांतरण प्रकरणों का निस्तारण करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि संगठन लंबे समय से शासन और राजस्व परिषद स्तर पर मांगों को लेकर प्रत्यावेदन दे रहा है, लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने ज्ञापन में उच्च न्यायालय के 29 अगस्त 2018 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कर्मचारी संगठनों की मांगों के निस्तारण के लिए समिति गठित कर तीन माह में निर्णय लेने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मांगें लंबित हैं। कार्मिकों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र समाधान के निर्देश देने का आग्रह किया। धरना-प्रदर्शन में जगजीवन बिष्ट, दीपशिखा मेलकनिया, भगवत सिंह सतवाल, उमेश चंद्र पांडे, सुरेश नयाल, शशि मोहन पांडे, देवेंद्र सिंह बिष्ट, तनुज बिष्ट, भूपेंद्र सिंह अधिकारी, दीपक तिवाड़ी, धीरेन्द्र पाठक, प्रकाश चंद्र तिवारी, रमेश सिंह पालनी, अजय सिंह बिष्ट, दीपा पांडेय, हिमांशी सहित बड़ी संख्या में कार्मिक मौजूद रहे।





