

अल्मोड़ा। लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की मांग को लेकर बुधवार को गांधी पार्क, चौघानपाटा में उत्तराखंड छात्र संगठन के बैनर तले छात्रों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करने और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए पुतला दहन किया। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संयोजक पीसी तिवारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि एसआईआर के कारण बड़ी संख्या में लोग मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। अल्मोड़ा प्लस क्लब के अध्यक्ष जगदीश जोशी ने नागरिकों की आवाज दबाने और मीडिया कर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताई। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की संयुक्त सचिव सीता चम्याल ने शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए। प्रदर्शन में जनगीतों, कविताओं, रैप गीतों और नारों के जरिए विरोध दर्ज कराया गया। वक्ताओं ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। प्रदर्शन में वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद लाल वर्मा, आनंदी वर्मा, किरण आर्य, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद साकिब, रमेश जोशी, आशीष जोशी, हीरा कोहली, सोनी मेहरा, विकास रमेशानंदी, सुरेंद्र धामी और आशीष बनौला सहित अन्य लोग शामिल हुए। समापन पर लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।





