

देहरादून। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का उत्तराखंड से रिश्ता महज फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2022 में मराठी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में देवभूमि पहुंचे नाना पाटेकर ने पहाड़ की प्रकृति, खान-पान और स्थानीय जीवन को करीब से महसूस किया था। रुद्रप्रयाग, चमोली, चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुंड और मलारी की वादियों में शूटिंग के दौरान उनके कई यादगार अनुभव रहे।
फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने 71 वर्ष की उम्र में केदारनाथ की कठिन चढ़ाई भी की थी। वह केदारनाथ के साथ भैरवनाथ पहाड़ी क्षेत्र तक पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रसारित हुआ था और प्रशंसकों ने उनके जज्बे तथा पहाड़ों के प्रति लगाव की सराहना की थी।
जिस मराठी फिल्म की शूटिंग के लिए नाना पाटेकर उत्तराखंड आए थे, उसकी कहानी पिता-पुत्र के रिश्ते के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। फिल्म के लिए उत्तराखंड के दुर्गम और प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों को चुना गया था। शूटिंग के चलते नाना पाटेकर को कई दिनों तक गढ़वाल की वादियों में रहने और स्थानीय जीवन को करीब से देखने का मौका मिला।
फिल्म के लाइन प्रोड्यूसर त्रिभुवन चौहान के अनुसार, नाना पाटेकर को उत्तराखंड का पहाड़ी खान-पान भी खूब पसंद आया। उन्हें मंडुवे की रोटी और राई-पालक की सब्जी खास तौर पर पसंद आई थी। पहाड़ी टोपी भी उन्हें इतनी पसंद आई कि वह इसे पहनकर नजर आए। स्थानीय खान-पान और पहनावे के प्रति उनकी सहज रुचि ने शूटिंग से जुड़े लोगों के बीच उनकी अलग छवि बनाई।
उत्तराखंड प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने पहाड़ों की शांत वादियों, कठिन रास्तों, स्थानीय भोजन और लोगों की सादगी को करीब से महसूस किया। केदारनाथ की यात्रा से लेकर पहाड़ी भोजन और पहनावे तक, उनका यह प्रवास बताता है कि देवभूमि की प्राकृतिक सुंदरता के साथ यहां की संस्कृति और जीवनशैली ने भी अभिनेता पर गहरी छाप छोड़ी थी।



