
देहरादून। इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने एक अक्टूबर को अपने मुख्यालय और सभी इकाइयों में आईओएल दिवस मनाया। इस अवसर पर संगठन ने स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के साथ ऑप्टिक्स के क्षेत्र में 83 वर्षों की विरासत को रेखांकित किया। रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत सरकार के 100 प्रतिशत स्वामित्व वाले रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम आईओएल ने समारोह में अपनी उपलब्धियों, तकनीकी क्षमताओं, नवाचार और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण में योगदान को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत आईओएल मुख्यालय और सभी इकाइयों में ध्वजारोहण तथा आईओएल प्रतिज्ञा के साथ हुई। इस दौरान उत्कृष्टता, नवाचार, सत्यनिष्ठा, टीम भावना और राष्ट्र के प्रति योगदान की प्रतिबद्धता दोहराई गई। आईओएल की निदेशक (मानव संसाधन) एवं अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं शर्मिष्ठा कौल शर्मा ने संगठन की पांच वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला तथा कर्मचारियों और हितधारकों के योगदान की सराहना की।
समारोह में आईओएल की उपलब्धियों और महत्वपूर्ण पड़ावों पर आधारित प्रस्तुति एवं लघु वीडियो प्रदर्शित किया गया। आईआईटी रुड़की और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड के बीच डिफेन्स कोऑर्डिनेशन सेल के लिए समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत तकनीकी ज्ञान, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसी अवसर पर आईओएल के इन-हाउस सूचना संसाधन ‘नेत्र’ (NETRA) का परिचय भी कराया गया।
समारोह में ‘आईओएल के उत्कृष्ट कर्मयोगी’ और ‘आईओएल के युवा नवाचारशील मस्तिष्क’ श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं नवाचारपूर्ण योगदान के लिए कर्मचारियों को आईओएल उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग और राजभाषा के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजभाषा पुरस्कार भी दिए गए।
आईओएल दिवस के अवसर पर संगठन ने सतत विकास, स्वदेशी रक्षा विनिर्माण और तकनीकी नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत भारतीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में योगदान देने तथा ‘Soldier’s Eye’ बनने के अपने संकल्प को दोहराया।
