
अल्मोड़ा। ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने सरकार से कार्यक्रम के स्वरूप और उसमें राजनीतिक पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण, मातृ-शिशु कल्याण तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। अल्मोड़ा में 1,860 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी विभागीय स्तर से सामने आई है।
भोज ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय की भागीदारी स्वाभाविक है, लेकिन यदि किसी सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक दल के पदाधिकारियों को मुख्य अतिथि या प्रमुख भूमिका दी जा रही है तो सरकार को इसके लिए निर्धारित प्रोटोकॉल स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में ‘आंगन का मिलन’ की तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ भाजपा पदाधिकारियों की बैठकों का उल्लेख समाचारों में हुआ है। कांग्रेस का सवाल किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर है। यदि कार्यक्रम विभागीय और सरकारी संसाधनों से आयोजित हो रहा है तो अतिथि सूची और कार्यक्रम संचालन के संबंध में स्पष्ट एवं समान नियम होने चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के चयन के लिए निर्धारित दिशा-निर्देश सार्वजनिक किए जाएं और यह स्पष्ट किया जाए कि क्या सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समान रूप से आमंत्रित करने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा कार्यकर्ता लंबे समय से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण संबंधी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसलिए कार्यक्रम का केंद्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बच्चों, महिलाओं और वास्तविक लाभार्थियों को बनाया जाना चाहिए।
भोज ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं और बच्चों के हित में चलाए जा रहे सरकारी कार्यक्रमों का विरोध नहीं करती। आपत्ति केवल सरकारी योजनाओं और सरकारी मंचों पर राजनीतिक एवं प्रशासनिक भूमिकाओं के बीच स्पष्ट सीमा और पारदर्शिता बनाए रखने को लेकर है। उन्होंने मांग की कि यदि भाजपा पदाधिकारियों को किसी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाया गया है तो उसका आधार, प्रोटोकॉल और आमंत्रण की प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए।

