
अल्मोड़ा। ग्राम प्रधानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिलेभर के ग्राम प्रधान मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। इससे पहले प्रधानों ने विकास भवन तिराहे से विकास भवन तक रैली निकाली। विकास भवन पहुंचकर प्रधानों ने घेराव किया और मांगों को लेकर आक्रोश जताया। धरने में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग किए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम प्रधान गांवों के विकास की धुरी हैं। वे विकास योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। प्रधानों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से शासन-प्रशासन से वार्ता और पत्राचार के माध्यम से समाधान की मांग की जाती रही है। अगस्त माह में मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया था कि अगस्त के अंत तक अधिकांश मांगों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो प्रधान अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। प्रधानों ने ग्राम प्रधानों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने, वार्ड सदस्यों को बैठक भत्ता देने तथा मानदेय के लिए पृथक फंड की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को मिलने वाले राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग के अनुदान में वृद्धि, 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप ग्राम पंचायतों को 29 विभागों का हस्तांतरण और विधायक-सांसद निधि की तर्ज पर पंचायत निधि गठित करने की मांग उठाई गई। प्रधानों ने 10 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था बनाए जाने, सभी ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य बीमा कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वेक्षण में छूटे पात्र परिवारों के नाम ग्राम पंचायतों की आम बैठकों के माध्यम से जोड़ने का अधिकार देने की मांग भी की। ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने सरकार से पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। धरने में देवेंद्र सिंह नयाल, सुनील बाराकोटी, विनोद जोशी, सुरेश भट्ट, उमेश मेहरा, सुनील जोशी, देवेंद्र मेहरा, चंद्रिका तिवारी, दीपक सिंह, प्रीति पंत, भूपाल बोरा, इंदर सिंह मनराल, नंदन सिंह फर्त्याल, नवीन भट्ट, बची बोरा, टीका सिंह, मदन सिंह बिष्ट, प्रिया भोज, पंकज रौतेला सहित विभिन्न विकासखंडों से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान मौजूद रहे।

