
रुद्रप्रयाग(आरएनएस)। केदारनाथ धाम में भतूज उत्सव धूमधाम से मनाया गया। भतूज पर्व पर बीकेटीसी एवं ऊखीमठ व रुद्रपुर के पंचगाई पंचपंडा हकहकूकधारियों ने भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग का विशेष शृंगार किया। इस अवसर पर नई फसल के पके हुए चावल और विभिन्न प्रकार के स्थानीय अनाज को पकाकर शिवलिंग को समर्पित किया गया। भोग को पंचगाई हकहकूकधारी ने पकाया और इससे शिवलिंग को ढका गया। रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक तीर्थयात्रियों को भगवान के दर्शन किए।
भतूज पर्व के दौरान मध्य रात्रि में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान हुआ। केदारनाथ धाम से प्रशासनिक अधिकारी किशन त्रिवेदी ने बताया कि मान्यता है कि अन्नकूट पर्व पर नये अनाज के भोग को भगवान केदारनाथ को समर्पित करने से अन्न से सभी विषाक्त तत्व समाप्त हो जाते है। भतूज के समापन के बाद रक्षाबंधन पर श्रद्धालुओं को दाल-चावल का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद चढ़ाने वालों में पंचपंडा रूद्रपुर से अरविंद शुक्ला, अशोक शुक्ला, नितिन शुक्ला, हेमचंद्र शुक्ला पंचगाई हकहकूकधारी ऊखीमठ से अध्यक्ष राकेश तिवारी, कमल चंद्र त्रिवेदी,आशीष त्रिवेदी, धनीश तिवारी आदि शामिल रहे। इस अवसर पर धर्माधिकारी औंकार शुक्ला, पुजारी टी गंगाधर लिंग, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, सहायक लेखाकार प्रमोद बगवाड़ी आदि मौजूद रहे।
स्वयंभू शिवलिंग के किए दर्शन
गुप्तकाशी। रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर बाबा विश्वनाथ मंदिर में आयोजित भतूज मेले में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन किए। मध्य रात्रि में मंदिर के कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं को पके अन्न और वनौषधियों से सुसज्जित शिवलिंग के दर्शन कराए गए।
पौराणिक परंपरा के अनुसार ग्राम रूद्रपुर के हक-हकूकधारी तीर्थपुरोहितों ने गर्भगृह में पके चावल और विभिन्न वनौषधियों से स्वयंभू शिवलिंग का विशेष शृंगार किया। कपाट खुलते ही बाबा विश्वनाथ के अन्नकूट स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आचार्य डॉ. कृष्णानंद नौटियाल और रुद्रपुर निवासी तीर्थ पुरोहित गणेश प्रसाद शुक्ला ने बताया कि बाबा विश्वनाथ मंदिर की बाहरी सजावट मंदिर समिति की ओर से की जाती है जबकि गर्भगृह में स्वयंभू शिवलिंग की विशेष सज्जा का हक-हकूक रुद्रपुर के ग्रामीणों का है। इस अवसर पर भक्ताें ने भगवान के दर्शन कर पुण्य प्राप्त किया।

