
उत्तरकाशी(आरएनएस)। चारधाम यात्रा पर निर्भर उत्तरकाशी के होटल कारोबारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने पर आपत्ति जताई है। होटल एसोसिएशन का दावा है कि जिन प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं वहां पहले लगे डिजिटल मीटरों की तुलना में बिजली बिल अधिक आ रहा है। इसी को लेकर एसोसिएशन ने सोमवार को ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर हटाने और पूर्ववर्ती डिजिटल मीटर दोबारा लगाने की मांग की।एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि कुछ वर्ष पहले ही पुराने मीटरों को बदलकर डिजिटल मीटर लगाए गए थे, जो सही ढंग से काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। एसोसिएशन ने स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर स्वैच्छिक विकल्प की बात रखते हुए कहा कि उसके सदस्य अपने प्रतिष्ठानों में नए मीटर नहीं लगवाएंगे।स्मार्ट मीटर के विरोध के साथ होटल कारोबारियों ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान होटल व्यवसाय का सीजन सीमित अवधि का होता है और इसी आय से कारोबारियों को सालभर के खर्च पूरे करने पड़ते हैं। ऐसे समय में कई बार बिना पूर्व सूचना के घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने से व्यवसाय पर सीधा असर पड़ता है।एसोसिएशन ने मांग की कि जिन होटलों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं वहां उन्हें हटाकर पूर्व में लगे डिजिटल मीटर स्थापित किए जाएं। साथ ही यात्रा और पर्यटन सीजन में बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर किया जाए। होटल कारोबारियों का कहना है कि जब तक स्मार्ट मीटरों से अधिक बिल आने की शिकायतों का साफ समाधान नहीं होता तब तक बिना सहमति नए मीटर लगाए जाने का वे विरोध करेंगे। इस मौके पर सचिव सुभाष सिंह कुमांई, बिंदेश कुड़ियाल, प्रकाश भद्री, धीरज सेमवाल, शंकर दयाल, सुकेश नौटियाल आदि मौजूद थे।

