
काशीपुर(आरएनएस)। बैंक में गिरवी रखे गहनों की सुरक्षा नहीं करने और उन्हें वापस नहीं लौटाने को जिला उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी माना है। आयोग ने बैंक को गोल्ड लोन के लिए गिरवी रखे 94.640 ग्राम 24 कैरेट सोने के आभूषण मुआवजे समेत लौटाने का आदेश दिया है। आभूषण लौटाने में असमर्थ होने पर बैंक को उनकी कीमत छह प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ चुकानी होगी।
मामले की पृष्ठभूमि:जसपुर निवासी पंकज कुमार ने अधिवक्ता नदीम उद्दीन के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। इसमें बताया कि उन्होंने अपने स्वर्ण आभूषण यूको बैंक की जसपुर शाखा में गिरवी रखकर दो लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। जनवरी 2019 तक उन्होंने ब्याज समेत 2,31,450 रुपये का भुगतान कर लोन चुका दिया। वर्ष 2023 में आभूषणों की आवश्यकता होने पर उन्होंने बैंक से इन्हें वापस करने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया। बैंक की ओर से बताया गया कि 11 जुलाई 2018 को बैंक शाखा में चपरासी दुष्यंत कुमार ने चोरी की थी। बैंक ने समझौते के तौर पर 2,86,087 रुपये का मुआवजा स्वीकार करने का प्रस्ताव डाक से भेजने की बात कही। बैंक ने सेवा में कमी के आरोप से इनकार करते हुए परिवाद निरस्त करने की मांग की। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे, सदस्य नवीन चंद्र चंदौला और सदस्या डॉ. मनीला ने आदेश दिया कि 45 दिन के भीतर गिरवी रखे 94.640 ग्राम 24 कैरेट सोने के आभूषण, यदि चोरी के बाद बैंक को प्राप्त हो चुके हैं, तो परिवादी को वापस किए जाएं।

