
अल्मोड़ा। मानदेय में वृद्धि और श्रमिक हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मिनी कर्मचारी और विभिन्न विभागों के श्रमिकों ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में श्रमिकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रदर्शन के बाद चौघानपाटा से मालरोड होते हुए रोडवेज बस स्टेशन तक जुलूस निकाला गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी, आशा, परिवहन, भवन निर्माण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न योजनाओं में कार्यरत कर्मचारी लंबे समय से कम मानदेय और अन्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने योजना आधारित और संविदा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने तथा समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये तथा कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की। इसके अलावा बोनस की गणना के लिए अधिकतम वेतन सीमा 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने और कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस-95) के तहत न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करने के साथ महंगाई राहत एवं चिकित्सा सुविधा देने की मांग भी उठाई गई। श्रमिकों ने श्रम संहिताओं के श्रमिक विरोधी प्रावधानों में संशोधन, ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने तथा बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में पांच दिन कार्य व्यवस्था लागू करने की भी मांग की। धरना-प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष महेश चंद्र जोशी, आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन की प्रदेश अध्यक्ष भगवती बिष्ट, ममता बिष्ट, बीना भट्ट, रेनु खोलिया सहित हवालबाग, सोमेश्वर, ताकुला, ताड़ीखेत और अन्य क्षेत्रों से आए श्रमिक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


