
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना के लिए 40 आधिकारिक सवालों की सूची अधिसूचित कर दी है। भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अधिकृत जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर परिवार अनुसूची के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे। यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें 1931 के बाद पहली बार व्यापक स्तर पर स्व-घोषणा के आधार पर जातिगत आंकड़े भी दर्ज किए जाएंगे।
अधिसूचना के अनुसार नागरिकों से नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म तथा अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) अथवा सामान्य वर्ग से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा माता-पिता का विवरण भी दर्ज किया जाएगा।
जनगणना में शारीरिक एवं मानसिक दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य ज्ञात भाषाएं, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, वर्तमान में स्कूल या कॉलेज में अध्ययन की स्थिति, उच्चतम शैक्षणिक योग्यता तथा शिक्षा के विषय से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े प्रश्नों में पिछले एक वर्ष के दौरान कार्य करने की स्थिति, मुख्य या सीमांत कार्य, व्यवसाय, उद्योग या सेवा का प्रकार, कर्मचारी की श्रेणी, काम की तलाश, गैर-आर्थिक गतिविधियां तथा कार्यस्थल तक पहुंचने के साधनों की जानकारी मांगी जाएगी।
प्रवास और पारिवारिक विवरण के तहत जन्म स्थान, पूर्व निवास, स्थानांतरण का कारण, वर्तमान स्थान पर निवास की अवधि, स्थायी पता, जीवित बच्चों की संख्या, पिछले एक वर्ष में जन्मे बच्चों का विवरण, कोविड-19 टीकाकरण का स्थान, बैंक खातों की संख्या तथा आधिकारिक पहचान पत्रों की उपलब्धता संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान नागरिकों से बैंक खाते का नंबर, पासवर्ड, एटीएम पिन, पैन कार्ड का गोपनीय विवरण या मासिक आय जैसी कोई संवेदनशील वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। जनगणना अधिकारियों को केवल अपने निर्धारित क्षेत्र में ही सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय के अनुसार इन 40 सवालों का उद्देश्य देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का व्यापक डाटाबेस तैयार करना है। जनगणना कार्यक्रम के तहत बर्फबारी वाले दुर्गम क्षेत्रों—लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में दूसरे चरण की शुरुआत 1 सितंबर 2026 से होगी। इन क्षेत्रों के नागरिकों को 17 से 31 अगस्त तक स्वयं जानकारी भरने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। देश के अन्य हिस्सों में जनसंख्या गणना 9 से 28 फरवरी 2027 के बीच होगी, जबकि वहां स्वयं जानकारी भरने की सुविधा जनवरी 2027 से शुरू की जाएगी।

