
काशीपुर(आरएनएस)। ग्राम गोबरा में रास्ते के विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष और मंदीप सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में एक माह बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार को जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र शर्मा सोनू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बाजपुर कोतवाली के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सात दिन में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया। जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई को ग्राम गोबरा में दाबका नदी किनारे रास्ते के विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था। इस दौरान मंदीप सिंह पर जानलेवा हमला करते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। मामले में कुलदीप की तहरीर पर गोबरा निवासी संदीप, बंटी, मंगल, रमेश मेसी, छिंदर और पवन के खिलाफ बन्नाखेड़ा चौकी में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले में बन्नाखेड़ा चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह खड़ायत की टीम ने आरोपियों के परिजनों से पूछताछ करने के साथ उन्हें शरण देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। गुरुवार को ग्रामीणों ने कोतवाली गेट पर धरना देकर जमकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ता देख कोतवाल नरेश चौहान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
जिला पंचायत सदस्य सोनू ने कहा कि बाजपुर को चंबल बनाकर दिनदहाड़े गोलियां चलाई गईं। घटना के वीडियो भी वायरल हुए, जिससे साफ है कि अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं है। उन्होंने कहा कि घटना के एक माह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। कोतवाल नरेश चौहान ने ग्रामीणों को जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। इस दौरान चिन्दो बाई, संदीप सिंह, परमजीत सिंह, गुरदीप कौर, प्रकाश कौर, कुलदीप, राणो कौर, सतनाम कौर, परमजीत कौर, बलविंदर सिंह, शमशेर सिंह, पूर्ण सिंह, भगवान सिंह, करण सिंह, राजकुमार, सुभाष शर्मा, जैदी खान, कामरान खान, साबिर समेत कई लोग मौजूद रहे।
