
अल्मोड़ा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) अल्मोड़ा में जनपद स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ब्लॉक समन्वयकों, प्रधानाचार्यों और विज्ञान शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
डायट के प्राचार्य ललित मोहन पांडे ने कहा कि इंस्पायर अवार्ड विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने शिक्षकों से अधिकाधिक विद्यार्थियों को कार्यक्रम से जोड़ने और नवाचारी परियोजनाओं के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
राज्य इंस्पायर अवार्ड समन्वयक अवनीश उनियाल ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि समाजोपयोगी और मौलिक नवाचारों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विद्यालयों में आइडिया बॉक्स के नियमित उपयोग और गुणवत्तापूर्ण परियोजनाओं के चयन पर विशेष जोर दिया।
जिला समन्वयक विनोद कुमार राठौड़ ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से कार्यक्रम की पात्रता, ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया, परियोजना चयन, मूल्यांकन प्रणाली और समय-सीमा की जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल पर नामांकन की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया।
कार्यक्रम का संचालन जिला संदर्भ व्यक्ति (विज्ञान) डॉ. भुवन पांडे ने किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए विद्यालय स्तर पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इंस्पायर अवार्ड मानक से जोड़ने का संकल्प लिया। अंत में निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण नामांकन सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक नवाचार की संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया गया।

