
रुड़की(आरएनएस)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और पात्र लाभार्थियों तक सीमित रखने के लिए खाद्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी देवचंद शर्मा ने क्षेत्र के सभी उचित दर विक्रेताओं को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन राशन कार्ड धारकों की मृत्यु हो चुकी है और जिन परिवारों की बेटियों का विवाह हो चुका है, उनके नाम या यूनिट पर किसी भी स्थिति में खाद्यान्न का वितरण न किया जाए। भविष्य में ऐसे मृत अथवा अपात्र यूनिट पर राशन जारी किया जाता है तो संबंधित उचित दर विक्रेता और लाभार्थी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।देवचंद शर्मा ने बताया कि यह निर्णय जिला पूर्ति अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित मासिक बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में लिया गया है। उन्होंने सभी राशन डीलरों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के ऐसे राशन कार्डों का सत्यापन कर मृत व्यक्तियों और विवाह के बाद ससुराल जा चुकी बेटियों का विवरण तैयार करें। यह सूची एक सप्ताह के भीतर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, ताकि अपात्र यूनिटों के नाम राशन कार्ड से हटाए जा सकें और केवल पात्र परिवारों को ही सरकारी खाद्यान्न का लाभ मिल सके। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने कहा कि विभाग की मंशा सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। उन्होंने उचित दर विक्रेताओं से निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी मृत व्यक्ति या विवाहिता बेटी के नाम पर खाद्यान्न निर्गत किया जाना पाया गया तो संबंधित डीलर के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग लगातार अभिलेखों का सत्यापन कर रहा है और अनियमितता मिलने पर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
