
देहरादून(आरएनएस)। तलाक का फर्जी दस्तावेज दिखा कर शादी करने और शारीरिक शोषण करने के आरोप में चकराता वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) राजीव नयन नौटियाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 12 जुलाई को लिखित शिकायत की थी। महिला ने आरोप लगाया कि 2025 में उसकी पहचान एक वैवाहिक वेबसाइट के जरिये राजीव नयन नौटियाल से हुई थी। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने खुद को तलाकशुदा बताया और कहा कि उसका वैवाहिक विवाद कानूनी प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। महिला का आरोप है कि विश्वास कायम करने के लिए आरोपी ने उसे तलाक से जुड़े कानूनी आदेश की प्रति भी दिखाई। इसके बाद दोनों की दो अक्तूबर 2025 को सगाई हुई। महिला का आरोप है कि सगाई के बाद आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। 10 फरवरी 2026 को दोनों ने डालनवाला क्षेत्र स्थित एक मंदिर में विवाह रचाया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी के पिता पर भी जानकारी छिपाने और सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।
चर्चित अधिकारी रहे हैं राजीव नयन नौटियाल: राजीन नयन नौटियाल वन विभाग के काफी चर्चित अधिकारी रहे हैं। विशेष कर अवैध खनन रोकने के मामले में वह काफी चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले ही अवैध खनन रोकने के दौरान उनके साथ मारपीट हुई थी, लेकिन कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। कोर्ट के आदेश के कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। कुछ दिन पहले ही सरकार की ओर से उन्हें बर्खास्त कर दिया था।
पुलिस बोली-जांच के बाद की गई गिरफ्तारी: कोतवाल राजीव रौथाण ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद बुधवार देर रात राजीव नयन नौटियाल को विकासनगर के दिनकर विहार स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
शादी के बाद सामने आया विवाद: पीड़िता का आरोप है कि विवाह के बाद आरोपी ने उसे नथुवावाला स्थित घर पर रखने से इनकार कर दिया और 50 लाख रुपये की मांग की। महिला के अनुसार, बाद में उसे जानकारी मिली कि पहली पत्नी से आरोपी का कानूनी तलाक नहीं हुआ था और उसने तलाक से जुड़े दस्तावेजों को लेकर कथित रूप से गलत जानकारी दी थी।
