
हनोई। वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई है। घटना में अब तक कम से कम 15 लोगों मारे गए हैं। नाव पर कुल 32 लोग थे। हनोई में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास एक दुखद घटना में कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब एक बजे ओशन पीयर आइलैंड कंपनी की ओर से संचालित स्पीडबोट हॉन मे रट नाम की जगह से पर्यटकों को लेकर एन थॉई पोर्ट की ओर जा रही थी। फु क्वोक हवाई अड्डे से लगभग 25 किलोमीटर दूर होन मे रट एन्ग्वाई नाम की जगह से करीब 400 मीटर दूर नाव पलट गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नाव में सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए।
भारतीय दूतावास ने कहा, एक दुखद घटना में कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। प्रभावित परिवारों को जानकारी और मदद देने के लिए भारत के कॉन्सुलेट जनरल में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414।
एक स्थानीय पत्रकार ने सोशल मीडिया पर लिखा, 11 जुलाई को सुबह करीब 10:30 बजे फु क्वोक के पास 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट डूब गई। दोपहर तक 18 लोगों को बचा लिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों की मौत की आशंका है, लेकिन मरने वालों की आधिकारिक संख्या की अभी पुष्टि नहीं हुई है। खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, वियतनाम के फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों की नाव दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल बचे लोगों के जल्द ठीक होने की मैं प्रार्थना करता हूं। हमारा दूतावास और वाणिज्य दूतावास हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। हमारे अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के भी लगातार संपर्क में हैं।
घटनास्थल से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज लहरों के बीच नाव पलट गई है। तुरंत आसपास की कई नावें लोगों को बाहर निकालने में जुट गईं। बचाव कार्य में शामिल एक नाव संचालक ने बताया, मेरी नाव लगभग 5 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई थी। बचाव अभियान मुश्किल साबित हुआ क्योंकि कई यात्री नाव के अंदर फंसे हुए थे। केवल कुछ ही लोगों को होश में बाहर निकाला जा सका।
