
नई दिल्ली। देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग ने शनिवार को कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने मुंबई, पालघर, ठाणे और रायगढ़ के लिए दो दिनों का रेड अलर्ट जारी किया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि कम समय में अत्यधिक वर्षा से शहरी बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और नदियों-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून दिल्ली पहुंच चुका है, हालांकि राजधानी में अभी व्यापक बारिश नहीं हुई है। 5 जुलाई से वर्षा की गतिविधियां बढ़ने और 6 से 8 जुलाई के बीच दिल्ली-एनसीआर में सामान्य मानसूनी बारिश होने की संभावना है। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि उमस के कारण अधिक गर्मी महसूस हो सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10 जुलाई तक अलग-अलग दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
पूर्वी भारत में ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।
पश्चिमी तट पर गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में मूसलाधार बारिश हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र, सक्रिय मानसूनी ट्रफ, पश्चिमी तट के ऑफशोर ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से देश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा।
विशेषज्ञों ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि लगातार भारी बारिश से खरीफ फसलों, विशेषकर दालें, तिलहन, कपास, मक्का और सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करने और बारिश थमने के बाद फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है।
