
अल्मोड़ा। टिहरी गढ़वाल के लम्बगांव निवासी युवक केतन लाल हत्याकांड के विरोध में रविवार को गांधी पार्क में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) तथा विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने तथा मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को शीघ्र कठोर सजा देने की मांग उठाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद लाल वर्मा ने की। धरने को संबोधित करते हुए उपपा के केंद्रीय संयोजक पी.सी. तिवारी ने कहा कि 7 जून को टिहरी के लम्बगांव में केतन लाल की जिस बर्बरता से हत्या की गई, वह उत्तराखंड के माथे पर कलंक है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की मूल अवधारणा और सामाजिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने समाज से इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि केतन हत्याकांड कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी प्रेम विवाह और सामाजिक कारणों से कई जघन्य घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और समाज में भय तथा असुरक्षा का माहौल बन रहा है। वक्ताओं ने पिछले वर्षों में हुई चर्चित घटनाओं का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग की। धरने में वक्ताओं ने कहा कि केतन के साथ मौजूद दिवाकर के साथ भी गंभीर मारपीट की गई थी, जिसके उपचार की जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए। साथ ही केतन के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हिंसा से जुड़े सभी मामलों में शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की गई। धरने को गोविंद लाल वर्मा, आनंदी वर्मा, डॉ. रेनू, मोहम्मद शाकिब, जीवन चन्द्र, लल्लू लाल, हेम मिश्रा, किरण, भारती पांडे, ममता जोशी और विनीता समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। संचालन उपपा महासचिव नारायण राम ने किया। धरने में डॉ. प्रियंवदा, मनोज पंत, हेमा पांडे, विद्या कनवाल, अनीता बजाज, ममता बिष्ट, हीरा देवी, दीपांशु पांडे, हरीश राम, मोहन लाल टम्टा, गोपाल राम, निकिता, बद्रीश, नेहा, लता सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।


