

कोटद्वार(आरएनएस)। चारधाम यात्रा के चलते पर्वतीय रूटों पर बसों और जीप-टैक्सियों की किल्लत बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बस व जीप टैक्सियों में या तो कम दूरी की सवारियों को बैठाया नहीं जा रहा है या फिर उनसे ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। कोटद्वार डिपो से रोडवेज की दस बसों को चारधाम यात्रा में भेजा जाना है जिसमें से छह बसें यात्रा में जा चुकी है। जीएमओयू की 44 छोटी बसों में से 12 बसें, हरिद्वार रूट की 28 बसों में से 8 बसें व पर्वतीय रूट की 13 बसों में से 4 बसें कुल 24 बसें चारधाम यात्रा में चली गई है। यही हाल जीप व टैक्सियों का है। गढ़वाल जीप टैक्सी यूनियन में पंजीकृत 370 जीप-टैक्सियों में से अब तक 45 जीप-टैक्सियां चारधाम यात्रा में चली गई हैं। जीएमओयू की बसें व जीप टैक्सियों के चारधाम यात्रा में चले जाने से रिखणीखाल, बीरोंखाल के साथ ही पौड़ी, पोखड़ा आदि पर्वतीय रूटों की नियमित बस व टैक्सी सेवाएं बंद या कम होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही के लिए वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। ग्रामीण सुरेश रावत, धीरेंद्र चंद, मुकेश पोखरियाल ने बताया कि अभी यात्रा शुरू हुए कुछ ही दिन हुए हैं। यात्रा चरम पर होने पर पर्वतीय रूटों पर स्थिति और खराब हो जाएगी। चारधाम यात्रा के साथ ही सभी रूटों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कत न हो।

