

देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में अब उत्तर पुस्तिकाओं का ऑन-स्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन किया जाएगा। शासन स्तर से वर्तमान सेमेस्टर से इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू होने से परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित होगी। इससे परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकेंगे और इसका सीधा लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी, पुनर्मूल्यांकन में देरी और उत्तर पुस्तिकाओं के संरक्षण जैसी समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर परीक्षा कार्य का दबाव बढ़ा है। डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से प्रक्रिया अधिक स्वचालित होगी और मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा। शिक्षक अपने शिक्षण संस्थानों से ही मूल्यांकन कार्य कर सकेंगे, जिससे नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी।
डॉ. रावत ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से पुनर्मूल्यांकन संबंधी समस्याओं के समाधान में भी सुविधा होगी। नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विश्वविद्यालयों को आवश्यक तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

