

अल्मोड़ा। जिले के उत्कर्ष केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर शैल में मंगलवार को एक दिवसीय निःशुल्क दर्द निवारण एवं वेदना प्रबंधन आयुर्वेदिक शिविर आयोजित किया गया। शिविर में क्षेत्र के 85 मरीजों ने पंजीकरण कराकर विभिन्न आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ उठाया। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. मोहम्मद शाहिद के निर्देशन में आयोजित शिविर का निरीक्षण अपर जिला मजिस्ट्रेट युक्ता मिश्रा ने किया। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, पंचकर्म कक्षों और योग सत्रों का अवलोकन करते हुए आयुर्वेद आधारित इस पहल की सराहना की। शिविर में डॉ. योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों का परीक्षण किया। डॉ. ललिता जोशी और डॉ. पंकज वर्मा ने न्यूरो थेरेपी तथा कपिंग थेरेपी के माध्यम से मरीजों का उपचार किया, जबकि डॉ. ऋषिकेश तिवारी के निर्देशन में पंचकर्म चिकित्सा कराई गई। शिविर में 42 मरीजों को योगाभ्यास कराया गया, जबकि 25 मरीजों को पंचकर्म और 17 मरीजों को मर्म एवं न्यूरो थेरेपी दी गई। योग अनुदेशक ज्योति रैकवाल, पंकज मेहता और गौरव मनराल ने रोगानुसार योग सत्र संचालित किए। मुख्य फार्मासिस्ट अंशुल रावत और फार्मेसी अधिकारी सुनीता पटवाल ने औषधि वितरण और सामग्री प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। शिविर की व्यवस्थाओं में शिब्बन मेहरा, दुर्गेश तिवारी और अन्य कर्मचारियों ने सहयोग किया। आयोजकों के अनुसार शिविर का उद्देश्य बिना दुष्प्रभाव वाली आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से लोगों को दर्द से राहत पहुंचाना था।

