

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के सभी राजकीय और निजी माध्यमिक तथा प्रारंभिक विद्यालयों के लिए नई समय-सारिणी लागू कर दी है। सचिव रविनाथ रमन की ओर से सोमवार को जारी आदेश में 6 अप्रैल 2026 को जारी समय-सारिणी में आंशिक संशोधन किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू रहेगी। इस अवधि में प्रार्थना सभा सुबह 7:15 से 7:30 बजे तक होगी। इसके बाद प्रथम से चतुर्थ शिक्षण काल सुबह 7:30 से 10:10 बजे तक संचालित होंगे, जिनकी अवधि 40 मिनट निर्धारित की गई है। सुबह 10:10 से 10:40 बजे तक मध्यांतर रहेगा। इसके बाद पांचवें से आठवें शिक्षण काल सुबह 10:40 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे, जिनकी अवधि 35 मिनट होगी।
शीतकालीन समय-सारिणी 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत प्रार्थना सभा सुबह 8:45 से 9 बजे तक आयोजित की जाएगी। प्रथम से चतुर्थ शिक्षण काल सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेंगे और प्रत्येक की अवधि 45 मिनट होगी। दोपहर 12 से 12:30 बजे तक मध्यांतर रहेगा। इसके बाद पांचवें से आठवें शिक्षण काल दोपहर 12:30 बजे से अपराह्न 3:10 बजे तक संचालित होंगे, जिनकी अवधि 40 मिनट तय की गई है।
शासन ने आदेश में कहा है कि यदि किसी विद्यालय की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण समय-सारिणी में बदलाव की आवश्यकता होती है, तो इसके लिए संबंधित जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति निर्णय लेगी। समिति में मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य को सदस्य बनाया गया है।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थानीय स्तर पर समय-सारिणी में बदलाव करते समय निर्धारित शिक्षण अवधि में किसी प्रकार की कमी नहीं की जाएगी।

