
अल्मोड़ा। कर्नाटक की सीनियर महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर सौम्या वर्मा भ्रमण पर अल्मोड़ा स्थित अपने ननिहाल पहुंचीं, जहां खेल प्रेमियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में क्रिकेट के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं और यहां के खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिलने की जरूरत है। चंपावत मूल की सौम्या मंगलवार को अपने नाना वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद लाल वर्मा के घर पहुंचीं। इस अवसर पर आयोजित बातचीत में उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से क्रिकेट खेल रही हैं और अब भारतीय टीम में जगह बनाकर देश के लिए विश्व कप जीतना उनका लक्ष्य है, जिसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तान एलिसा हीली से उन्हें काफी प्रेरणा मिलती है, जबकि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की तरह छक्का लगाना उन्हें पसंद है। सौम्या ने बताया कि उन्होंने स्कूल स्तर से क्रिकेट खेलना शुरू किया और लगातार आगे बढ़ती रहीं। अपने प्रदर्शन के बारे में उन्होंने बताया कि इंटरजोनल वनडे ट्रॉफी 2026 में उन्होंने 45 गेंदों में 56 रन बनाए, जबकि सीनियर महिला वनडे ट्रॉफी 2026 में 33 गेंदों में 51 और 46 गेंदों में 58 रन की पारियां खेलीं। पांच पारियों में उन्होंने कुल 205 रन बनाए। बीसीसीआई महिला अंडर-19 टी-20 ट्रॉफी 2022-23 में विकेटकीपर के रूप में सर्वाधिक 14 डिसमिसल किए और अंडर-19 टी-20 चैलेंजर्स ट्रॉफी 2022-23 की विजेता टीम का हिस्सा रहीं। इसके अलावा वह अंडर-16 इंडिया साउथ जोन चैंपियनशिप में भी विजेता टीम में शामिल रही हैं। सौम्या वर्मा को क्रिकेट की प्रेरणा और प्रशिक्षण उनके मामा संजय वर्मा से मिला, जो पेशे से अध्यापक हैं। उनके पिता मुकुल वर्मा एक आईटी कंपनी में निदेशक हैं, जबकि माता अंजना वर्मा गृहिणी हैं। इस मौके पर नानी चंपा वर्मा सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

