
अल्मोड़ा। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों के समाधान न होने पर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। रानीखेत और अल्मोड़ा दोनों स्थानों पर अभियंताओं ने बैठक कर सरकार के प्रति नाराजगी जताई और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
रानीखेत में लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में आयोजित बैठक की अध्यक्षता शेखर पाण्डेय और संचालन कमल साह ने किया। यहां विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने कार्यों का बहिष्कार करते हुए हड़ताल में भाग लिया और अब तक मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने पर रोष व्यक्त किया।
वहीं अल्मोड़ा में शक्ति सदन में चल रहे आंदोलन के तहत तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में अभियंता एकत्र हुए। बैठक की अध्यक्षता प्रदीप जोशी ने की। इस दौरान लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, आवास, कृषि, जिला पंचायत, उरेडा, शहरी विकास और पीएमजीएसवाई सहित कई विभागों के अभियंताओं ने भाग लेते हुए एकजुटता दिखाई।
अभियंताओं ने कहा कि 27 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से एसीपी के तहत क्रमशः 5400, 6600 और 8700 ग्रेड पे, अभियंत्रण विभागों में न्यूनतम तीन पदोन्नति, पेयजल एवं जल संस्थान का राजकीयकरण, पुरानी पेंशन बहाली, आईटी भत्ता, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और गैर तकनीकी कार्यों से मुक्ति जैसी मांगें शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा, भले ही इससे विकास कार्य प्रभावित हों।
कार्यक्रम में दीपक सिंह मटियाली, जीएस मेहरा, ललित मोहन शर्मा, दिनेश गिरीराज, जेसी पांडेय, संजय पंत, हिमांशु जोशी, रिनी पांडेय, रवि दानी, ललित मोहन बिष्ट, सूरज सिंह रावत, हितांशी नेलवाल, जीवेश वर्मा, विपिन चंद्र तिवारी, मनीष कुमार, आलोक कुमार ओली, कुंदन बिष्ट, रोहित नैलवाल, सहित अन्य अभियंता मौजूद रहे।

