Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • न्यायालय
  • केंद्र व यूपी समेत 15 राज्यों को सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस
  • न्यायालय

केंद्र व यूपी समेत 15 राज्यों को सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

RNS INDIA NEWS 13/02/2021
SupremeCourtofIndia

गन्ना किसानों के 15683 करोड़ बकाया का मामला

नई दिल्ली ,13 फरवरी (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत 15 गन्ना उत्पादक राज्यों को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें गन्ना किसानों को 15,683 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि भुगतान में देरी के कारण खुदकुशी की घटनाएं होती है।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय पारिख ने कहा कि 10 सितंबर 2020 तक देशभर के गन्ना किसानों का करीब 15,683 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में 10,174 करोड़ रुपये बकाया है।
पारिख ने कहा कि यह पांच करोड़ किसानों की आजीविका का मामला है। इन किसानों का जीवनयापन गन्ना उत्पादन से होता है। भुगतान में देरी के कारण गन्ना किसान खुदकुशी के लिए मजबूर हो जाते हैं। याचिका में न केवल किसानों को जल्द से जल्द भुगतान करने की मांग की गई है बल्कि यह भी कहा गया है कि अथॉरिटी को डिफॉल्टर शुगर मिल्स के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही ऐसी मिल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के किसान लोकेश कुमार और नौ अन्य लोगों के द्वारा दायर याचिका में प्रतिवादियों की सूची में से कुछ निजी गन्ना मिल को हटाने के लिए कहा है। याचिका में विशेषज्ञों की एक कमेटी भी बनाने की मांग की गई है जो किसानों को रकम न मिलने की परेशानी का अध्ययन करेगी। कमेटी यह सुझाव देगी कि क्या तरीका अपनाया जाना चाहिए जिससे भविष्य में गन्ना किसानों को बकाया मिलने में किसी प्रकार की देरी न हो। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों को भी नोटिस जारी किया है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: शक्तिफार्म-नानकमत्ता अस्पतालों को मिले दो 108 वाहन
Next: कोविड 19 पर शोध हेतु आयुष मंत्रालय ने किया बाल वैज्ञानिकों को आमंत्रित

Related Post

SupremeCourtofIndia (1)_11zon
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

सार्वजनिक जगहों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना आदेश रखा बरकरार

RNS INDIA NEWS 19/05/2026 0
rns featured image new
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

पत्नी और बच्चों का खर्च नहीं उठा सकते तो शादी ही मत करो, इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

RNS INDIA NEWS 22/04/2026 0
SupremeCourtofIndia (1)_11zon
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

‘महिलाओं को कोई नौकरी पर नहीं रखेगा’, पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

RNS INDIA NEWS 13/03/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • इलेक्ट्रिक बस सेवा ठप होने से यात्रियों को उठानी पड़ी भारी परेशानी
  • श्रीदेव सुमन विवि को जल्द नए कुलपति मिलने की उम्मीद
  • केदारनाथ रोपवे से रोजगार छिनने का डर, 19 को महापंचायत
  • आर्थिक तंगी का हवाला देकर बेच रहा था नशीले इंजेक्शन, पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी
  • पति से विवाद में महिला ने गंगनहर में लगाई छलांग
  • महिला आरक्षण बिल बिना शर्त लागू करने की उठी जोरदार मांग
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.