
अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा के अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय के मार्गदर्शन में शुक्रवार को ग्राम सौराल, सल्ट में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राष्ट्रीय युवा दिवस (विवेकानंद जयंती) के अवसर पर 5 जनवरी से 12 जनवरी तक चलाए जा रहे आठ दिवसीय जागरूकता अभियान के क्रम में आयोजित किया गया।
शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा की सचिव शचि शर्मा के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नालसा थीम गीत ‘एक मुट्ठी आसमान’ के प्रदर्शन के साथ हुआ। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से होने वाले दुष्परिणामों, नशा मुक्ति के उपायों और विधिक सहायता से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान एनसीबी की ई-प्रतिज्ञा पहल ‘जीवन को हां कहें, नशीली दवाओं को ना कहें’, नालसा की मादक द्रव्यों के खतरे का उन्मूलन योजना 2025, निःशुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया, साइबर अपराध से बचाव, मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और महिलाओं की सुरक्षा, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, नागरिकों के मौलिक अधिकार और कर्तव्यों तथा शिक्षा और कानून से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
ग्रामीणों को नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14446, मानस हेल्पलाइन 1933 और नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए, ताकि लोग आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। शिविर में अधिकार मित्र हेमा पाण्डेय उपस्थित रही।
