
अल्मोड़ा। पन्याली जंगल मार्ग पर स्कूटी छोड़कर लापता हुए युवक की सकुशल घर वापसी हो गई है। कोतवाली रानीखेत पुलिस ने एसओजी और अन्य पुलिस टीमों की सहायता से युवक को दिल्ली से बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस की इस कार्यवाही पर परिजनों ने संतोष व्यक्त करते हुए टीम का आभार जताया है।
कोतवाली रानीखेत क्षेत्र निवासी एक महिला ने 9 दिसंबर को तहरीर देकर बताया था कि उसके 33 वर्षीय पति मनोज कुमार 8 दिसंबर को घर से नैनीताल जाने के लिए निकले थे, लेकिन पन्याली के पास उनकी स्कूटी खड़ी मिली और उसके बाद से वह लापता हो गए। इस संबंध में कोतवाली रानीखेत में गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा के निर्देश पर गुमशुदा की शीघ्र बरामदगी के लिए चार अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह और क्षेत्राधिकारी रानीखेत विमल प्रसाद के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीखेत अशोक कुमार धनकड़ तथा निरीक्षक भुवन चंद्र जोशी, प्रभारी एसओजी अल्मोड़ा के नेतृत्व में तलाश अभियान चलाया गया।
पुलिस टीमों ने वन विभाग, फायर सर्विस, फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वॉड और पीएसी के साथ मिलकर स्थानीय जंगलों में व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस दौरान रानीखेत से नैनीताल के बीच लगे करीब सौ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। साथ ही सर्विलांस टीम भी लगातार गुमशुदा व्यक्ति की निगरानी कर रही थी।
26 दिसंबर को सर्विलांस के माध्यम से मनोज कुमार की लोकेशन बृजवासन, दिल्ली में मिलने पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे सकुशल बरामद कर लिया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बरामदगी अभियान में प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार धनकड़, निरीक्षक भुवन चंद्र जोशी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक कमाल हसन, उपनिरीक्षक बृजमोहन भट्ट, अपर उपनिरीक्षक कैलाश चंद्र, हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार, हेड कांस्टेबल फिरोज खान, कांस्टेबल एसहान अली और हेड कांस्टेबल मनोज कोहली सहित पुलिस कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।

