Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • हाईकोर्ट ने मोहान दवा कंपनी पर केंद्र से जवाब मांगा
  • नैनीताल

हाईकोर्ट ने मोहान दवा कंपनी पर केंद्र से जवाब मांगा

RNS INDIA NEWS 13/12/2024
nainital high court

नैनीताल(आरएनएस)। हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा जिले के मोहान में स्थित दवा कंपनी इंडियन मेडिसिन एंड फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के मामले में केंद्र सरकार से जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। आईएमपीसीएल कामगार संघ की ओर से दवा कंपनी को बेचने की प्रक्रिया शुरू करने को चुनौती देती याचिका पर शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में सुनवाई हुई। संघ की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 2023 में भारत सरकार के विनिवेश मंत्रालय ने मोहान की आईएमपीसीएल कंपनी की बिक्री की प्रक्रिया शुरू की है। जबकि इस विनिवेश पर आयुष मंत्रालय के सचिव पहले ही आपत्ति जता चुके हैं। सांसद अजय भट्ट ने भी सरकार को लिखा है कि यह विनिवेश प्रक्रिया उत्तराखंड राज्य के हित के विरुद्ध है। उत्तराखंड राज्य ने कभी भी ऐसे विनिवेश के लिए सहमति नहीं दी है। याचिका में कहा है कि आईएमपीसीएल का प्रस्तावित विनिवेश, भारत सरकार की विनिवेश नीति के भी विरुद्ध है। सुनवाई के बाद हाइकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि दो सप्ताह बाद की तय की है।

ये दलीलें दी गईं
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि न्यायालय के समक्ष इस संबंध में दलीलें दी गई हैं। पहला यह कि लगातार लाभ कमाने वाली कंपनी का विनिवेश सार्वजनिक नीति के खिलाफ है। दूसरी दलील है कि अधिकांश बोलीदाताओं को फार्मास्युटिकल उद्योग का कोई पूर्व अनुभव नहीं है। तीसरी दलील है कि यह मूल रूप से 100 एकड़ की वन भूमि है। वर्ष 1977 में जब इसे आईएमपीसीएल को हस्तांतरित किया गया था तो शर्त रखी गई थी कि यदि आईएमपीसीएल को इस भूमि की आवश्यकता नहीं होगी, तो यह वन विभाग को वापस मिल जाएगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि ऐसे में विनिवेश की आड़ में यह निजी कंपनियों को 100 एकड़ वन भूमि की अवैध बिक्री है। भारत सरकार की विनिवेश नीति यह स्पष्ट करती है कि ऐसा कोई भी विनिवेश नहीं किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप देश के भौतिक प्राकृतिक संसाधनों का हस्तांतरण हो।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: नाबालिग का अपहरण करने वाला 25 हजार का इनामी दबोचा
Next: पिथौरागढ़ नगर निगम का पहला मेयर कांग्रेसी बनेगा

Related Post

rns featured image new
  • नैनीताल

आईपीएस निवेदिता कुकरेती ने संभाला आईजी कुमाऊं का कार्यभार, कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर

RNS INDIA NEWS 09/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-06 at 22.36.01_11zon
  • नैनीताल

विश्व पर्यावरण दिवस पर रामगढ़ रेंज में वृक्षारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

RNS INDIA NEWS 06/06/2026 0
rns featured image new
  • नैनीताल

सेंचुरी पेपर मिल ने ढ़ाई करोड़ पौधे लगाने का रखा लक्ष्य

RNS INDIA NEWS 05/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 10 जून
  • आरटीओ दफ्तर के बाहर नो-पार्किंग में खड़े 29 वाहनों का चालान, सात सीज
  • सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें करती पांच महिलाएं गिरफ्तार
  • निर्मला सीतारमण का फर्जी वीडियो दिखा सीनियर सिटीजन से 30 लाख ठगे
  • शटडाउन नहीं मिलने से लाइनमैन की करंट लगने से मौत, परिजनों में आक्रोश
  • टूरिस्ट बस और कार की टक्कर के बाद विवाद मारपीट में बदला
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.