Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • अल्मोड़ा
  • जीबी पंत पर्यावरण संस्थान में टैक्सस वालिचियाना पौधों का रोपण
  • अल्मोड़ा

जीबी पंत पर्यावरण संस्थान में टैक्सस वालिचियाना पौधों का रोपण

RNS INDIA NEWS 28/05/2024
rns featured image new

अल्मोड़ा। गोविन्द बल्लभ पन्त राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा के पर्यावरण आंकलन एवं जलवायु परिवर्तन केंद्र द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम के तहत संस्थान में टैक्सस वालिचियाना का रोपण किया गया। 26 मई से 05 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत भूमि बहाली, सूखे से निपटने और मरुस्थलीकरण का रोकथाम विषयगत क्षेत्रों के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ जे सी कुनियाल ने सबको सूखे से निपटने वाले जंगली खाद्य पदार्थों, औषधीय पौधों (टैक्सस वालिचियाना) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टैक्सस वालिचियाना पौधे की पत्तियां और छाल टैक्सोल का मुख्य स्रोत होती है जिसमें कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने की एक अनोखी क्षमता होती है। इसके अतिरिक्त इसकी छाल और पत्तियों का उपयोग आयुर्वेद में विभिन्न दवाओं को तैयार करने के लिए किया जाता है। उन्होंने वृक्षारोपण के महत्व और पर्यावरण तथा मानव जीवन पर इसके प्रभाव से भी सबको अवगत कराया। कार्यक्रम में कम्ब्रिया विश्वविद्यालय, यूनाइटेड किंगडम के प्रोफेसर इयान कोनवेरी, प्रोफेसर डॉ रिचर्ड जॉनसन, बाथ स्पा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ स्टेफ़नी ग्रेशोन, संस्थान के वैज्ञानिक डॉ मिथिलेश सिंह, डॉ सुमित राय, महेश चन्द्र सती समेत पर्यावरण आकलन एवं जलवायु परिवर्तन केंद्र के लगभग 50 शोधार्थियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: सीएस राधा रतूड़ी ने राफ्टिंग व्यवस्थाओं का जायजा लिया
Next: श्रद्धालुओं के साथ हिमालयी फूलों से गुलजार हुई रुद्रनाथ घाटी

Related Post

rns featured image new
  • अल्मोड़ा

महिला कोतवाली और चौखुटिया पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान

RNS INDIA NEWS 25/06/2026 0
rns featured image new
  • अल्मोड़ा

बालिकाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर जोर, स्कूलों में नशा विरोधी काउंसलिंग के निर्देश

RNS INDIA NEWS 25/06/2026 0
rns featured image new
  • अल्मोड़ा

महापौर व पार्षदों ने लिया दो दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण

RNS INDIA NEWS 25/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 26 जून
  • कुंभ और कांवड़ से पहले एनएचएआई को अल्टीमेटम
  • आधार कार्ड का दुरुपयोग कर 45 हजार का लोन स्वीकृत कराया
  • महिला कोतवाली और चौखुटिया पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान
  • बालिकाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर जोर, स्कूलों में नशा विरोधी काउंसलिंग के निर्देश
  • महापौर व पार्षदों ने लिया दो दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.