Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरिक्ष में श्रीमद्भगवद्गीता ले जा चुकीं सुनीता विलियम्स अब क्या ले जा रहीं अपने साथ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय

अंतरिक्ष में श्रीमद्भगवद्गीता ले जा चुकीं सुनीता विलियम्स अब क्या ले जा रहीं अपने साथ

RNS INDIA NEWS 06/05/2024
rns featured image new

नई दिल्ली (आरएनएस)। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 58 साल की उम्र में मंगलवार को बतौर पायलट तीसरी बार अंतरिक्ष की उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। वह बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से मंगलवार को भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजे उड़ान भरेंगी जिसे फ्लोरिडा में केप केनवेरल के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से छोड़ा जाएगा। स्टारलाइनर यान सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र लेकर जाएगा जो संकटग्रस्त बोइंग कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण और बहु-प्रतीक्षित सफलता हो सकती है।
अंतरिक्ष की उड़ान भरने से पहले समाचार एजेंसी से बात करते हुए सुनीता विलियम्स ने कहा कि वह धार्मिक से ज़्यादा आध्यात्मिक हैं। उन्होंने बताया कि जब वह भारतीय समयानुसार कल सुबह 8 बजे बोइंग स्टारलाइनर में उड़ान भरेंगी, तो अपने साथ भगवान श्री गणेश की एक मूर्ति लेकर जाएंगी क्योंकि भगवान गणेश उनके लिए सौभाग्यशाली हैं। उन्होंने कहा कि वह बाहरी अंतरिक्ष में भगवान गणेश को अपने साथ पाकर भी खुश रहेंगी। अंतरिक्ष की अपनी पिछली यात्राओं में सुनीता श्रीमद्भगवतगीता साथ लेकर गई थीं।
एक समाचार वेवसाईट की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर यह यात्रा कामयाब हो जाती है तो एलन मस्क की ‘स्पेसएक्स’ के साथ यह दूसरी निजी कंपनी बन जाएगी जो चालक दल को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र तक ले जाने और वापस लाने में सक्षम होगी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने 22 मार्च को एक संवाददाता सम्मेलन में स्टारलाइनर के आगामी अभियान के बारे में कहा था, ‘‘इतिहास बनने जा रहा है। हम अंतरिक्ष अन्वेषण के स्वर्ण युग में हैं।’’
नासा ने 1988 में सुनीता विलियम्स को अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुना था और उनके पास दो अंतरिक्ष अभियानों का अनुभव है। उन्होंने एक्स्पीडिशन 32 की फ्लाइट इंजीनियर और एक्स्पीडिशन 33 की कमांडर के तौर पर सेवा दी थी। पहली अंतरिक्ष यात्रा एक्स्पीडिशन 14/15 के दौरान विलियम्स ने नौ दिसंबर 2006 को एसटीएस-116 के चालक दल के साथ उड़ान भरी थी और 11 दिसंबर 2006 को वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पहुंचीं।
पहली अंतरिक्ष यात्रा में उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 29 घंटे और 17 मिनट की चार बार चहलकदमी करने के साथ महिलाओं के लिए विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद अंतरिक्ष यात्री पेग्गी व्हिटसन ने अंतरिक्ष में कुल पांच बार चहलकदमी कर 2008 में यह रिकॉर्ड तोड़ दिया था। एक्स्पीडिशन 32/33 में विलियम्स ने रूसी सोयुज कमांडर युरी मालेनचेंको और जापान एयरोस्पेस एक्स्प्लोरेशन एजेंसी की फ्लाइट इंजीनियर अकीहिको होशिदे के साथ कजाखस्तान के बैकोनूर कोस्मोड्रोन से 14 जुलाई 2012 को अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी। उस वक्त विलियम्स ने प्रयोगशाला की परिक्रमा करते हुए अनुसंधान और अन्वेषण में चार महीने का वक्त बिताया था। वह अंतरिक्ष में 127 दिन का वक्त बिताने के बाद 18 नवंबर 2012 को कजाखस्तान पहुंची थीं। अपने अभियान के दौरान विलियम्स और होशिदे ने तीन बार अंतरिक्ष की चहलकदमी की और स्टेशन के रेडिएटर से अमोनिया के रिसाव को ठीक किया। अंतरिक्ष में 50 घंटे और 40 मिनट की चहलकदमी के साथ विलियम्स ने एक बार फिर किसी महिला अंतिरक्ष यात्री का अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक चहलकदमी करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। विलियम्स ने अंतरिक्ष में कुल 322 दिन बिताए हैं।
विलियम्स का जन्म ओहायो के यूक्लिड में भारतीय-अमेरिकी न्यूरोएनाटॉमिस्ट दीपक पांड्या और स्लोवेनियाई-अमेरिकी उर्सुलिन बोनी पांड्या के घर हुआ था। उन्होंने यूएस नेवल एकेडमी से भौतिक विज्ञान की डिग्री ली और फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग प्रबंधन में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: मिट्टी से कंक्रीट के मजबूत टीले में तब्दील होगा मां गर्जिया टीला
Next: सभी धामों में तीर्थ सुधार नियमावली लागू की जाए

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-12 at 21.33.22
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक

RNS INDIA NEWS 12/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • नशा मुक्त भारत पखवाड़े के तहत दन्या पुलिस का जागरूकता अभियान
  • धोखाधड़ी कर प्लॉट बेचने के आरोप में छह लोगों पर मुकदमा
  • सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और नए कानूनों को लेकर निकाली जागरूकता रैली
  • पोस्टमैन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
  • बिनसर वनाग्नि के शहीद वन कर्मियों को दी श्रद्धांजलि
  • तेज तूफान से स्कूल के ऊपर पेड़ गिरा, मकान की छत उड़ी
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.