

देहरादून। प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए अटल आयुष्मान योजना दीपावली के बाद शुरू होने जा रही है। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। प्रथम चरण में उन जिलों से इसकी शुरुआत की जाएगी, जहां कोरोना के मामले कम हैं। इसके बाद शेष जिलों में इसे शुरू किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसी वर्ष सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अटल आयुष्मान योजना शुरू की है। इस योजना के अनुसार सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। उन्हें वेतन के हिसाब से कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रविधान किया गया है। इस योजना का लाभ कर्मचारियों को तब मिलना शुरू होता, जब उनके गोल्डन कार्ड बनाए जाते। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी विभागों से कर्मचारियों और पेंशनरों का डाटा एकत्र करना भी शुरू कर दिया था। इस पर आगे काम शुरू हो पाता, तब तक लॉकडाउन हो गया। अनलॉक की प्रक्रिया के बाद इस पर काम शुरू करने की बात हुई, लेकिन इसमें एक तकनीकी पेच आ गया। दरअसल, इस योजना में प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारी और उनके स्वजनों को लाभ दिया जाएगा। इनकी संख्या तकरीबन 10 लाख आंकी गई है। गोल्डन कार्ड बनाने के लिए सभी के बायोमेट्रिक (मशीन में अंगुलियों के निशान) लिए जाने हैं। कोरोना का संक्रमण छूने से भी फैल सकता है, इस कारण बायोमेट्रिक को सुरक्षित नहीं माना गया। अब कोरोना के मामले घट रहे हैं, तो इस पर विभाग ने अब काम करना शुरू कर दिया है। अटल आयुष्मान योजना प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डीके कोटिया का कहना है कि इस योजना को जल्द शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। मकसद यह कि हर जिले में सुरक्षित तरीके से गोल्डन कार्ड बनाए जा सकें।



