Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • पिथौरागढ़
  • बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और एसटीएच को एम्स बनाने की मांग को लेकर दिया धरना
  • पिथौरागढ़

बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और एसटीएच को एम्स बनाने की मांग को लेकर दिया धरना

RNS INDIA NEWS 08/11/2020
rns featured image new

पिथौरागढ़। क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल को एम्स बनाने की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने धरना दिया। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के सम्मुख धरना देते हुए राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। अस्पतालों का कार्य केवल रेफर करना भर रह चुका है। जनता को समुचित उपचार नहीं मिल रहा है। पहाड़ के लोगों को हल्द्वानी पहुंच कर उपचार मिलता है। पर्वतीय क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सक तक तैनात नहीं है और दवाईयां तक नहीं मिलती हैं। सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। एक सुर से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की गई। इस अवसर सुशीला तिवारी अस्पताल को एम्स बनाने की मांग की गई।
धरना देने वालों में राज्य आंदोलनकारी मोहन पाठक, व्यापार संघ अध्यक्ष हरीश बथ्याल, जीवन पाठक, सुरेश पिपलिया, मुन्ना कुमार, लकी पिपलिया, सुरेश पालिया आदि शामिल थे। सीमांत में स्वास्थ्य सेवाओं का बूरा हाल: सीमांत में उचित स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से यहां के लोगों को महंगे इलाज के लिए मैदानों का रूख करना पड़ता है। कई अस्पतालों में स्टाफ का अभाव है तो कई अस्पतालों में संयत्र स्टाफ की कमी से धूल फांक रहे है। जिला अस्पताल की बात करे तो यहां पर डायलिसिस की सुविधा तो है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण सिर्फ तीन मरीज ही इसका लाभ ले पा रहे है। जिस कारण कई मरीजों का नंबर आते-आते कई दिन लग जाते है। मजबूरन लोगों को मैदानी क्षेत्रों में जाकर इलाज कराना पड़ता है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: भाजपा हवालबाग मंडल के प्रशिक्षण वर्ग का हुआ समापन, राष्ट्र विकास पर वक्ताओं ने रखे विचार
Next: बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 36 मेधावियों का हुआ सम्मान

Related Post

ssju logo
  • देहरादून
  • पिथौरागढ़
  • बागेश्वर

एसएसजे विश्वविद्यालय के तीन परिसरों में 244 नए पद सृजित

RNS INDIA NEWS 30/06/2026 0
rns featured image new
  • पिथौरागढ़

नशामुक्ति केंद्र की स्थापना प्रक्रिया को जल्द करें पूरा

RNS INDIA NEWS 27/06/2026 0
rns featured image new
  • पिथौरागढ़

पांच साल की मासूम से दरिंदगी, पैरोल पर आया सजायाफ्ता गिरफ्तार

RNS INDIA NEWS 26/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के लिए संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित
  • महिला पुलिस ने स्कूली बच्चों को दोस्ताना अंदाज में किया जागरूक
  • विश्व युवा कौशल दिवस पर छात्राओं को कानूनी अधिकारों और डिजिटल सुरक्षा की दी जानकारी
  • कुमाऊं सहकारी संघ को नई कार्यकारिणी मिली, बबिता मेहरा बनी निर्विरोध अध्यक्ष
  • 15 से 18 जुलाई तक सभी वाहनों के लिए खुलेगा अल्मोड़ा-क्वारब हाईवे, चौसली-क्वारब वैकल्पिक मार्ग रहेगा बंद
  • धौलादेवी में स्वास्थ्य शिविर में 409 लोगों का उपचार, 110 के हुए निःशुल्क एक्स-रे
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.