
रुद्रप्रयाग। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए 14वें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। इस दौरान अगस्त्यमुनि, जखोली व ऊखीमठ ब्लॉक मुख्यालयों में कार्यकर्ताओं ने धरना देते हुए नारेबाजी की। कहा कि सरकार ने कैबिनेट में भी उनके हितों का ध्यान नहीं रखा गया है। उन्होंने 18000 रुपये प्रतिमाह मानदेय की मांग की है।
जिलाध्यक्ष सुनीता बर्त्वाल ने कहा कि प्रदेश सरकारें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रति उपेक्षा का रवैया अपना रहे हैं। बीते 12 अक्तूबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हकों को लेकर पूरी तरह से उदासीनता बरती गई। कहा कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी घोषित करने, मानदेय के बजाय वेतन देने व अन्य कर्मचारियों की भांति बैठक व यातायात भत्ता देने की मांग करती आ रही हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल से जिले में 692 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटके हुए हैं। साथ ही गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषणहार भी नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष रोशनी नौटियाल, सुरजी देवी, शांति खन्ना, गायत्री जगवाण, मुन्नी देवी, राजेश्वरी देवी, रेखा देवी, सुनती देवी, कविता देवी, बीना देवी, पार्वती देवी, गीता देवी, दीपा देवी, सरस्वती देवी सहित अन्य मौजूद थे।

