
काशीपुर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के बरहैनी क्षेत्र में शनिवार तड़के वन विभाग की टीम और लकड़ी तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। खुद को घिरता देख तस्करों ने वनकर्मियों पर पांच हवाई फायर किए। जवाब में वन विभाग की टीम ने भी मोर्चा संभालते हुए फायरिंग की, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार हो गए।
घटना कपकोट हरसान गांव के पास उस समय हुई, जब प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चंद्र तिवारी के निर्देश पर उप प्रभागीय वनाधिकारी मनिंदर कौर के नेतृत्व में वन विभाग की संयुक्त टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम का सामना लकड़ी तस्करों के गिरोह से हो गया। वनकर्मियों को देखते ही तस्करों ने भागने की कोशिश की और टीम को डराने के उद्देश्य से फायरिंग शुरू कर दी। वन विभाग ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद तस्कर अपने वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले।
मुठभेड़ के बाद मौके से खैर की लकड़ी के 20 नग और तस्करी में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। वन रेंजर कैलाश मेहरा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक आरोपी दलजीत उर्फ डल्लू पुत्र चरण सिंह की पहचान कर ली गई है। इसके बाद वन विभाग और विशेष अभियान समूह की संयुक्त टीम ने उसके घर पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान अस्कोट गांव से भारी मात्रा में अवैध खैर की लकड़ी भी बरामद की गई। मामले में चार तस्करों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम की कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में सर्च अभियान जारी है।
कार्रवाई में वन क्षेत्राधिकारी कृष्ण सिंह मेहरा, पूरन चंद्र जोशी, जगदीश चंद्र जोशी, ठाकुर दत्त ध्यानी, आदित्य सिंह, अनिल थायत और विवेक गोस्वामी सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे।

