
देहरादून। उत्तराखंड कैडर के तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 05 मार्च को इनके नियुक्ति आदेश जारी किए। आदेश मिलने के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को दो अधिकारियों को कार्यमुक्त भी कर दिया।
गृह सचिव शैलेश बगोली ने तीनों अधिकारियों को केंद्रीय सेवा में बुलाए जाने की पुष्टि की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अवर सचिव संजीव कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी मुख्तार मोहसिन को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो में उप निदेशक (डीआईजी स्तर) के पद पर नियुक्त किया गया है। इसी बैच की अधिकारी नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में डीआईजी के पद पर तैनाती दी गई है, जबकि 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल में डीआईजी के पद पर नियुक्त किया गया है।
गौरतलब है कि तीनों अधिकारी वर्तमान में उत्तराखंड पुलिस में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) पद पर पदोन्नत हो चुके हैं, लेकिन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत उन्हें उप महानिरीक्षक (डीआईजी) स्तर के पदों पर तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि केंद्र में आईजी स्तर का पद निर्धारित होने तक उन्हें डीआईजी के रूप में ही कार्य करना पड़ सकता है।
इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर एक रोचक पहलू यह भी है कि इस बार उन्होंने स्वयं केंद्रीय सेवा में जाने के लिए आवेदन नहीं किया था। राज्य सरकार ने पहल करते हुए 16 फरवरी 2026 को इनके नाम गृह मंत्रालय को भेजे थे। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का आदेश मिलने के बावजूद ज्वाइन न करने के कारण इन अधिकारियों पर पांच वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था।
केंद्र से आदेश जारी होने के बाद राज्य सरकार ने भी तत्परता दिखाई। पांच मार्च को दिल्ली से आदेश जारी होने के अगले ही दिन छह मार्च को नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया।

