सोलर पावर प्लांट से निकाले गये श्रमिकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

विकासनगर। डाकपत्थर क्षेत्र में सोलर पावर प्लांट में पिछले पांच वर्ष से अधिक समय से एक कंपनी के अधीनस्थ काम कर रहे सत्रह श्रमिकों को कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया है। इससे श्रमिकों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। श्रमिकों ने एसडीएम विकासनगर को ज्ञापन सौंपकर उन्हें फिर से कंपनी में काम दिलाने व अपने विभिन्न देयों को दिलाने की मांग की है।  मंगलवार को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कमलेश भट्ट के नेतृत्व में श्रमिकों ने एसडीएम विकासनगर को ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों ने ज्ञापन में कहा कि पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से वह यूजेवीएनएल के अधीनस्थ काम कर कर रही एक पावर प्लांट कंपनी में दैनिक श्रमिक का काम कर रहे हैं। जिसमें उनको इंश्योरेंश, ईपीएफ आदि की कोई सुविधा नहीं हैं। यहां तक की साप्ताहिक अवकाश भी नहीं दिया जाता है। आरोप लगाया कि उन्हें दैनिक मजदूरी कितनी दी जाती है यह भी कोई कंपनी के हिसाब किताब में नहीं दर्शाया जाता है। इसके बावजूद वे कंपनी में काम करते आ रहे हैं। लेकिन अचानक कंपनी ने सौर ऊर्जा प्लांट डाकपत्थर, खोदरी, माजरी, ढकरानी आदि प्लांटों में काम करने से हटा दिया है। बताया कि हटाये गये सभी सत्रह श्रमिक अनुसूचित जनजाति के हैं। जिनके पास रोजी रोटी का अन्य कोई साधन नहीं है। कहा कि सभी श्रमिकों के हटाये जाने के बाद उनके व उनके परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। श्रमिकों ने एसडीएम से गुहार लगाई है कि कंपनी में उनके जो देयक लटके हुए हैं उन्हें दिलाया जाय और कंपनी में फिर से उनकी बहाली की जाय। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी में उनकी फिर से बहाली नहीं की जाती है तो वह सभी सौर ऊर्जा पावर प्लांट पर तालाबंदी करेंगे। ज्ञापन देने वालों में बलदेव सिंह, शांतिराम, आनंद सिंह, चमन सिंह, श्रीचंद, रमेश सिंह, संजय, रणवीर, अशोक, रणवीर, संतराम, महावीर सिंह, सौरभ, राजेंद्र, बीरबल, विनोद, बाबूलाल आदि शामिल रहे।


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