
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर के शिक्षा संकाय में साप्ताहिक सामुदायिक कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट, परिसर निदेशक प्रोफेसर प्रवीण सिंह बिष्ट, कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट और संकायाध्यक्ष प्रोफेसर रिजवाना सिद्धिकी उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। संकायाध्यक्ष प्रोफेसर रिजवाना सिद्धिकी ने बीएड विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला को आवश्यक बताते हुए विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भावी शिक्षक के रूप में समाज के प्रति जिम्मेदारी और सामुदायिकता का भाव विकसित करना जरूरी है। उन्होंने नई शिक्षा नीति में सामुदायिक विकास से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को समाजोन्मुख दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। परिसर निदेशक प्रोफेसर प्रवीण सिंह बिष्ट ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को सही दिशा देते हैं। मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि किसी भी समाज के विकास में शिक्षकों की भूमिका निर्णायक होती है। उन्होंने कहा कि जिन देशों ने प्रगति की है, वहां शिक्षकों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। शिक्षक को अपने ज्ञान, आचरण और व्यवहार से समाज का मार्गदर्शन करना चाहिए। कुलपति ने विश्वविद्यालय के शैक्षिक और संरचनात्मक विकास के प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा संकाय द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललिता रावल ने किया, जबकि आभार प्रोफेसर रिजवाना सिद्धिकी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर इस अवसर पर डॉ. नीलम, डॉ. ममता असवाल, डॉ. भाष्कर चौधरी, डॉ. देवेंद्र चन्याल डॉ. संदीप पांडे, डॉ अंकिता, डॉ. ममता कांडपाल, डॉ. पूजा प्रकाश,डॉ विनीता लाल, डॉ. सरोज जोशी, डॉ मनोज कुमार टम्टा, विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी डॉ. ललित जोशी के साथ बी.एड के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

