
देहरादून। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक विकासखंड में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराएगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को छह माह के भीतर सभी ब्लॉक स्तर की चिकित्सा इकाइयों तक यह सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही चिकित्सा इकाइयों में रेडियोलॉजिस्ट और एक्स-रे तकनीशियनों की तैनाती के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार उन्नत बनाने के लिए काम कर रही है, ताकि आम लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और मरीजों की समस्याओं को देखते हुए विकासखंड स्तर पर अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उप जिला चिकित्सालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजें। विभागीय अधिकारियों को सभी ब्लॉकों में इन मशीनों की व्यवस्था छह माह के भीतर सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 95 विकासखंडों में 84 एक्स-रे मशीन और 47 अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध हैं। अल्मोड़ा और नैनीताल जनपद में 8-8 एक्स-रे मशीन, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चम्पावत में 3-3, चमोली, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में 7-7, देहरादून, हरिद्वार और उत्तरकाशी में 6-6, पौड़ी में 11 तथा टिहरी में 9 एक्स-रे मशीनें कार्यरत हैं।
अल्ट्रासाउंड मशीनों की स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा और नैनीताल के विभिन्न विकासखंडों में 3-3, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में 6-6, चमोली, टिहरी और पिथौरागढ़ में 5-5, उत्तरकाशी और देहरादून में 4-4, चम्पावत और रुद्रप्रयाग में 2-2 तथा बागेश्वर और हरिद्वार में 1-1 अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि जिन विकासखंडों में अभी ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही सभी विकासखंडों की चिकित्सा इकाइयों में रेडियोलॉजिस्ट और एक्स-रे तकनीशियनों की तैनाती भी की जाएगी।

