पछुवादून में धूमधाम से मनाया गया भैय्यादूज पर्व

विकासनगर। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व भैय्यादूज (यम द्वितीया) का त्योहार पछुवादून में धूमधाम के साथ मनाया गया। घर के बड़े बुजुर्गों ने बच्चों के सिर पर च्यूड़े रखे। बहनों ने भाइयों को च्यूड़े लगाकर उनकी सुख और समृद्धि की कामना की। गोरखा समाज ने पारंपरिक तौर पर भैया दूज का पर्व मनाया। दीपावली के तीसरे दिन भैय्या दूज का त्योहार मनाया जाता है। लेकिन इस बार दीपावली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण लगने के कारण भैय्या दूज का पर्व भी एक दिन बाद मनाया गया। रक्षाबंधन की तरह यह भी भाई एवं बहन के प्रेम का प्रतीक है। कुमाउनी और गोर्खाली समाज के लोगों ने इस पर्व को पारंपरिक तौर पर मनाया। इस दिन भाई अपनी बहन के घर च्यूड़े लेकर जाता है। बहन भाई की आरती उतारकर स्वागत करती है। च्यूड़े लगाकर भोजन कराती है। भाई अपनी बहनों को उपहार और उनकी सुरक्षा करने का वचन देते हैं। मान्यता है कि जो भाई यम द्वितीया पर बहिन के घर जाकर भोजन कर उसे उपहार देता है। वह नरक के भय से मुक्त हो जाता है। वहीं पर्व को लेकर सुबह से ही दुकानों पर खरीदारी करने के लिए महिलाओं और युवतियों का तांता लगा रहा। मिठाइयों से लेकर आकर्षक तोहफों की खरीदारी की गई। मंदिरों में इस मौके पर सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए तांता लगा रहा। गुरुवार को भैय्या दूज के अवसर पर बहनों ने भाइयों के साथ पूजा अर्चना कर उनकी सुख समृद्धि की दुआ मांगी। धनतेरस, छोटी दीपावली, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भैया दूज के साथ ही दीपावली का पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया।


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