
अल्मोड़ा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों के अनुसार शनिवार को जिले के सभी न्यायालयों, बाह्य न्यायालयों और तहसील न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अल्मोड़ा जिले के लिए दो पीठ तथा बाह्य न्यायालयों के लिए एक पीठ गठित की गई, इस प्रकार कुल तीन पीठों का गठन किया गया। पारिवारिक न्यायालय अल्मोड़ा से संबंधित वैवाहिक और पारिवारिक विवादों के चार लंबित मामलों को पारिवारिक न्यायाधीश द्वारा गठित पीठ संख्या-1 के समक्ष रखा गया। इन सभी मामलों का निस्तारण समझौता ज्ञापन के आधार पर किया गया, जिसमें कुल समझौता राशि 5 लाख 22 हजार रुपये रही। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा गठित पीठ संख्या-2 के समक्ष जिला एवं सत्र न्यायालय अल्मोड़ा के तीन मामले, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के 21 मामले, न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के 11 मामले, सिविल जज (सीडी) न्यायालय के दो मामले तथा सिविल जज (न्यायिक) न्यायालय के दो मामले निस्तारण के लिए रखे गए। इसके अतिरिक्त बैंकों से संबंधित मुकदमा-पूर्व मामलों में 177 प्रकरण भी निस्तारण के लिए प्रस्तुत किए गए। इस पीठ द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय से संबंधित एन.आई. अधिनियम, मोटर दुर्घटना दावा याचिका तथा अन्य दीवानी मामलों सहित तीन मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 13 लाख 70 हजार रुपये की समझौता राशि तय हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से संबंधित शमनीय यातायात चालान के 21 मामलों का निस्तारण करते हुए 79 हजार 400 रुपये की राशि जमा हुई। सिविल जज (सीडी) न्यायालय से संबंधित दो मामलों का निस्तारण किया गया। सिविल जज (न्यायिक) न्यायालय से संबंधित दो मामलों का निपटारा करते हुए 70 हजार 450 रुपये की राशि तय हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से संबंधित 11 मामलों का भी निस्तारण किया गया, जिनमें कुल 3 लाख 37 हजार 500 रुपये की समझौता राशि रही। इसके अतिरिक्त बैंक प्री-लिटिगेशन के 177 मामलों का भी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया, जिनमें 95 लाख 64 हजार 843 रुपये की राशि तय हुई। बाह्य न्यायालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मामलों के लिए सिविल जज (न्यायिक) रानीखेत द्वारा गठित पीठ संख्या-3 के समक्ष एन.आई. अधिनियम तथा बैंक प्री-लिटिगेशन से जुड़े 14 मामले रखे गए, जो अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रानीखेत, सिविल जज (न्यायिक) रानीखेत, सिविल जज (न्यायिक) द्वाराहाट और सिविल जज (न्यायिक) भिकियासैंण न्यायालयों से संबंधित थे। इनमें से एन.आई. अधिनियम के 13 मामलों का निस्तारण 93 लाख 39 हजार 820 रुपये की समझौता राशि पर किया गया, जबकि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रानीखेत से संबंधित एक मामले का निस्तारण 4 लाख 30 हजार रुपये की समझौता राशि पर हुआ। इस प्रकार पीठ संख्या-3 द्वारा कुल 14 मामलों का निपटारा करते हुए 97 लाख 69 हजार 820 रुपये की समझौता राशि तय हुई। राष्ट्रीय लोक अदालत में अल्मोड़ा जिले तथा बाह्य न्यायालयों के कुल 57 लंबित मामलों और बैंक से संबंधित 177 मुकदमा-पूर्व मामलों का निस्तारण किया गया। लंबित मामलों में कुल 1 करोड़ 21 लाख 49 हजार 670 रुपये तथा प्री-लिटिगेशन मामलों में 95 लाख 64 हजार 843 रुपये की समझौता राशि तय की गई। इस प्रकार कुल मिलाकर 2 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि पर समझौता हुआ।


