चिकित्सकों के आवासीय भवन निर्माण में निर्माण निगम ने की लापरवाही, दोषी अधिकारियों पर तत्काल हो कार्यवाही: बिट्टू कर्नाटक

अल्मोड़ा। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की लापरवाही से चार करोड़ रुपए से बने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के आवासीय भवन जिनको बने हुए अभी छ: वर्ष भी नहीं हुए खतरे की जद में आ गए हैं और इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के लापरवाह अधिकारी जिन पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। यह कहना है उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक का। श्री कर्नाटक ने आज प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि मेडिकल कॉलेज की ऊंची -ऊंची इमारतें बना रहे उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के अधिकारी और संबंधित शायद ये भूल गए हैं कि जो करोड़ों रुपए की बिल्डिंग मेडिकल कॉलेज में बन रही हैं यह जनता की गाढ़ी कमाई की है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि निर्माण निगम के पास कोई तकनीक ही नहीं है। केवल बंदरबांट करने के उद्देश्य से विभाग और विभाग के अधिकारी बिल्डिंगों का निर्माण कर रहे हैं और यह भी नही देख रहे है कि इस निर्माण कार्य में पूर्व में बनी बिल्डिंगे खतरे की जद में आ रही है।श्री कर्नाटक ने कहा कि पूर्व में भी मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की घटना हुए थी किन्तु उस प्रकरण की लीपापोती होने और कोई कार्यवाही न होने के कारण विभाग ने इसे अपनी आदत में शुमार कर लिया जिससे इस घटना की पुनरावृत्ति हुई है। उन्होंने कहा कि निर्माण निगम के लापरवाह अधिकारी यह न समझें कि वे मनमानी करते रहेंगे और कोई कुछ नही कहेगा। उन्होंने कहा कि विभाग संभल कर सचेत हो जाय और उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों को बर्खास्त करे। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के अधिकारी ये समझते है कि वे जनता के करोड़ों रुपए की बंदर बांट करके उत्तर प्रदेश निकल जाएंगे तो वे स्पष्ट रूप से समझ लें कि बिट्टू कर्नाटक उनसे जनता की एक- एक पाई का हिसाब लेगा। उन्होंने निर्माण निगम और प्रशासन को पंद्रह दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस प्रकरण की अविलंब जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही नहीं की गई तो पंद्रह दिन के पश्चात् वे उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के कार्यालय में धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विभाग और प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि निर्माण निगम के अधिकारी कुंभकर्ण की नींद में सोए हुए हैं। अभी तक भवन मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित भी नहीं हुई और अभी से भवन खतरे की सीमा को पार कर गए हैं। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा के लिए अति महत्वपूर्ण इस मेडिकल कॉलेज में यदि निर्माण निगम के अधिकारियों ने उच्च तकनीक का प्रयोग कर कार्य किया होता तो आज ये स्थिति नहीं आती कि एक बिल्डिंग के बनने से दूसरी बिल्डिंग को खतरा उत्पन्न होता।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के लिए बड़ी शर्म की बात है कि करोड़ों रुपयों से बनी बिल्डिंग छ: वर्ष में ही खतरा बन जा रही है। श्री कर्नाटक ने कहा कि ये बड़ा गंभीर विषय है। उक्त प्रकरणों को देखकर लगता है कि निर्माण निगम के पास या तो काबिल इंजीनियर नही है या किन्ही कारणों से निर्माण निगम के इंजीनियरों ने आंख में पट्टी बांध रखी है। उन्होंने कहा कि ये पट्टी कौन से कागज से बनी है ये तो जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अल्मोड़ा की जनता के लिए स्वास्थ्य सुविधाओ के हिसाब से बेहद आवश्यक इस मेडिकल कॉलेज में किसी भी प्रकार की कोताही वे बर्दाश्त नही करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के अधिकारी इस गलतफहमी से बाहर निकले कि इस बंदरबांट में उनके तथाकथित आका उन्हें बचा लेंगे। श्री कर्नाटक ने कहा कि विभाग संभल जाए वरना जिस दिन वे जनता को लेकर निर्माण निगम की पोल खोलने पर आएंगे तो न सेवानिवृत्त हुए अधिकारी बच पाएंगे और न ही स्वयं को सर्वे सर्वा समझ रहे वर्तमान निर्माण निगम के अधिकारी बच पाएंगे।


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