
अल्मोड़ा। जिला कारागार, अल्मोड़ा में निरुद्ध बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा के अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय के मार्गदर्शन और सचिव शचि शर्मा के आदेशानुसार आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अल्मोड़ा के प्रशिक्षक केशव दत्त सती द्वारा पुरुष बंदियों को दस दिवसीय प्लंबर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं महिला बंदियों को अधिकार मित्र नीता नेगी द्वारा पंद्रह दिवसीय पीरूल यानी चीड़ की पत्ती से टोकरी और पेन स्टैंड बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से इससे पूर्व भी कारागार में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। पिछले माह हिमालयन उन्नति मिशन के सहयोग से पुरुष बंदियों को व्यक्तित्व विकास और योग का दस दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था, जो प्रशिक्षक भावेश पांडे और उनके साथियों द्वारा संचालित किया गया। वहीं महिला बंदियों को अधिकार मित्र नीमा बिनवाल और भावना तिवारी द्वारा पंद्रह दिवसीय सिलाई का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया था। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शचि शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रहेंगे। इस माह पुरुष बंदियों के लिए इलेक्ट्रीशियन और मोटर मैकेनिक के दस-दस दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे, जबकि महिला बंदियों को पंद्रह दिवसीय बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

