
अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने आरतोला और गुरूड़ाबाज के बीच 100 बेड के मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना को मंजूरी दी है। इस संबंध में 11 फरवरी को स्वास्थ्य महानिदेशक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा को पत्र भेजकर अस्पताल निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि तलाशने और प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित अस्पताल में बाल रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। अस्पताल बनने से घाट पनार से लेकर अल्मोड़ा तक के मरीजों को लाभ मिलेगा, साथ ही दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान में जागेश्वर क्षेत्र में अस्पताल नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को सामान्य उपचार के लिए भी आरतोला या पनुवानौला जाना पड़ता है। जागेश्वर से करीब 16 किलोमीटर दूर धौलादेवी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जबकि पनुवानौला में करीब सात किलोमीटर दूरी पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। इससे जागेश्वर धाम में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लंबे समय से कमजोर बनी हुई है। पूर्व जिलाधिकारी आलोक पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग को स्थायी अस्पताल बनने तक अस्थायी रूप से एक डॉक्टर और फार्मासिस्ट को आवश्यक दवाओं के साथ जागेश्वर में तैनात करने के निर्देश दिए थे। हालांकि विभाग ने केवल श्रावणी मेले के दौरान ही यहां डॉक्टर और फार्मासिस्ट की तैनाती की थी और मेला समाप्त होने के बाद उन्हें वापस बुला लिया गया। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण पिछले वर्ष जागेश्वर धाम में दो श्रद्धालुओं की मौत भी हो चुकी है। अब पर्यटक सीजन शुरू होने वाला है, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। ऐसे में स्थानीय लोगों ने चारधाम की तर्ज पर जागेश्वर धाम में भी पर्यटक सीजन के दौरान डॉक्टर और दवाओं की नियमित व्यवस्था करने की मांग उठाई है।



